काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत आठ जुलाई से होगी। कैंपस स्थित विश्वनाथ मंदिर में पूजन के साथ नए सत्र की विधिवत शुरुआत की जाएगी। सत्रारंभ के लिए सोमवार का दिन और शुभ घड़ी निर्धारित की गई है।
बीएचयू का सत्रारंभ प्रत्येक वर्ष अमूमन जुलाई के प्रथम सप्ताह में शुरू होता है। परंपरा के मुताबिक परिसर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में कुलपति पूजन कर सत्र की शुुरुआत करते हैं। इस दौरान भोलेनाथ से सत्र की कुशलता की कामना की जाती है। इस मौके पर सभी संस्थानों के डायरेक्टर, संकायों के डीन और एचओडी आदि मौजूद रहते हैं। सर्वविद्या की राजधानी में छात्र-छात्राओं के समुचित ज्ञानार्जन के लिए ईश्वर से कामना की जाती है। इसी के साथ विश्वविद्यालय में नियमित रूप से कक्षाएं शुरू हो जाती हैं। बीएचयू के छात्र अधिष्ठाता प्रो. एके नेमा ने बताया कि इस बार आठ जुलाई से सत्रारंभ किया जाएगा। उसकी तैयारी हो चुकी है।
पहले ही शुरू हो गईं बीएससी एजी की कक्षाएं
बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान में बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कक्षाएं बुधवार से शुरू हो गईं। पहले दिन छात्र-छात्राओं को फॉर्म पर ले जाकर कृषि के व्यावहारिक ज्ञान की जानकारी दी गई। उन्हें बीज बुआई के तरीके और पंक्ति से पंक्ति और पौधे से पौधे के बीच की दूरी और उसके वैज्ञानिक आधार से परिचित कराया गया। बीएससी एजी का सत्र विश्वविद्यालय के सत्रारंभ से पहले शुरू होने के सवाल पर छात्र अधिष्ठाता प्रो. नेमा ने कहा कि कृषि की परीक्षाएं बीते 26 जून को ही संपन्न हुई हैं। उनका ग्रीष्मावकाश नहीं हो पाया था। इसलिए सत्र पहले शुरू कर दिया गया है। पूरे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र आठ जुलाई से शुरू होगा। ...