पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराने के साथ ही यहां मिले सामानों को बोरे में भरकर रखवा दिया गया। करीब एक महीने से अवैध रूप से रहने वालों को हॉस्टल खाली करने का नोटिस दिया गया था। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो यह कदम उठाना पड़ा। इस दौरान डॉ. ऋषि शर्मा, प्रॉक्टर डा. रंजीत सिंह, डा. सुजीत आदि मौजूद रहे।