काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में फीस वृद्धि के मामले पर बीएचयू प्रशासन के फैसले पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है। छात्र अधिष्ठाता कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं ने कहा कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सीट वृद्धि नहीं की थी तो 2021 में छात्रों से फीस क्यों ली गई। अब उसे लौटाने की बात की जा रही है। इस तरह के फैसले को पूरी तरह से वापस लेना चाहिए।
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छात्र अधिष्ठाता कार्यालय पर धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान विश्वविद्यालय विज्ञान संस्थान के विद्यार्थियों ने धरना स्थल पहुंचकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समर्थन किया। बीएचयू इकाई मंत्री पुनीत मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन फीस वृद्धि पर सफेद झूठ बोल रहा है।
विज्ञान संस्थान इकाई अध्यक्ष उमेद गुज्जर ने कहा कि प्रशासन द्वारा जो फीस वृद्धि की गई है वह सुविधाओं के सापेक्ष काफी ज्यादा है। छात्रावास की हालत खराब है एवं सुविधाओं का टोटा है। चेतावनी दी कि फीस वृद्धि का निर्णय आने तक आंदोलन जारी रहेगा।