प्रोफेसर सुनीता ने बताया कि प्रोटीन की वजह से मस्तिष्क में बहुत से इंफ्लेमेटरी तत्व क्रियाशील हो जाते हैं। जीका वायरस का यह प्रोटीन ब्लड ब्रेन बैरियर को कमजोर कर देता है जो कि शिशु के मस्तिष्क में जीका वायरस के प्रवेश में मददगार सिद्ध होता है।
जुलाई 2020 में ही एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित वैज्ञानिक जनरल में इस शोध का प्रकाशन भी हो चुका है उन्होंने बताया कि इस शोध के बाद जिका वायरस से बचाव को लेकर के औषधियों के निर्माण सहित अन्य कार्य में भी सहायता मिलेगी।