बीएचयू परिसर में छात्राओं के साथ छेड़खानी की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा फैसला किया है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने सुरक्षा के मद्देनजर इस फैसले का सुझाव दिया था।
विश्वविद्यालय प्रशासन कुछ महिला छात्रावासों को दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी है। भारतेंदु हरिश्चंद्र छात्रावास जिसका आवंटन छात्राओं के लिए कर दिया गया था, लेकिन अब यहां की बजाय छात्राओं को आवासीय ब्लॉक बी-1 में रखने का निर्णय लिया गया है।
कैंपस में अपेक्षाकृत सुनसान और एक छोर पर स्थित कुछ और गर्ल्स हॉस्टल भी जल्द शिफ्ट किए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्राओं की सुरक्षा के मद्देनजर यह कदम उठाया है।
बीएचयू परिसर में 24 जबकि आईएमएस में सात और आईआईटी बीएचयू में आठ गर्ल्स हॉस्टल हैं। चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने शनिवार की शाम आवासीय ब्लॉक बी-1 पहुंचीं और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
छेड़खानी को लेकर उठाया कदम
बीएचयू
- फोटो : अमर उजाला
पिछले पांच अक्तूबर को बीएचयू आईं राष्ट्रीय महिला आयोग की कार्यकारी अध्यक्ष रेखा शर्मा ने छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ ही सुनसान वाली जगह पर स्थित महिला छात्रावासों को दूसरी जगह शिफ्ट करने का सुझाव दिया था।
त्रिवेणी महिला छात्रावास में रहने वाली छात्रा के साथ छेड़खानी की घटना को लेकर कैंपस में बड़ा बवाल हुआ था। इसके बाद महिला छात्रावासों पर कैमरा लगाने, महिला सुरक्षा गार्डों की तैनाती, विमेन ग्रीवांस सेल का नंबर जारी करने सहित कई कार्रवाई हुई।
अब छित्तूपुर गेट के पास स्थित भारतेंदु हरिश्चंद्र छात्रावास, जिसको छात्राओं के लिए आवंटित किया गया था, अब उसे बदला जा रहा है। यहां जिन छात्राओं का आवंटन हुआ था, उन्हें आवासीय ब्लॉक बी-1 में भेजा जाएगा।
चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह का कहना है कि नवीन महिला छात्रावास में अराजकतत्वों की ओर से पत्थरबाजी आदि घटनाओं की शिकायत पर यहां की छात्राओं को भी दूसरी जगह शिफ्ट करने की तैयारी है।