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Akanksha Dubey: समर सिंह की जमानत याचिका खारिज, वाराणसी जिला जेल के क्वारंटीन बैरक में क्यों रखा गया?

Sun, 09 Apr 2023 07:14 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Samar singh arrested: गायक समर सिंह को शनिवार की शाम भारी गहमागहमी के बीच रिमांड मजिस्ट्रेट तृप्ति सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने समर सिंह को 72 घंटे की कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध किया।
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समर सिंह की अदालत में पेशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा दुबे को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी गायक समर सिंह को शनिवार की शाम भारी गहमागहमी के बीच रिमांड मजिस्ट्रेट तृप्ति सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने समर सिंह को 72 घंटे की कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध किया। इस पर अदालत ने सारनाथ थाने से संबंधित कोर्ट के समक्ष 10 अप्रैल को प्रार्थना पत्र पेश करने के लिए कहा है। इसके साथ ही अदालत ने समर सिंह की ओर से पेश की गई जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।

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यह भी पढ़ें- Akansha Dubey Case: समर सिंह से पुलिस ने की सात घंटे तक पूछताछ, आकांक्षा दुबे के बारे में कहीं ये बातें

सारनाथ स्थित एक होटल के कमरे में बीते 26 मार्च को आकांक्षा दुबे का शव फंदे के सहारे लटका मिला था। वह भोजपुरी फिल्म की शूटिंग करने वाराणसी आई थीं। 27 मार्च को आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे की तहरीर के आधार पर सारनाथ थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भोजपुरी गायक आजमगढ़ के मेंहनगर निवासी समर सिंह और उसके दोस्त बिलरियागंज क्षेत्र के गद्दोपुर निवासी संजय सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होते ही समर सिंह और संजय सिंह भूमिगत हो गए।

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अदालत में समर सिंह को पेश किया गया - फोटो : अमर उजाला
छह अप्रैल की रात गाजियाबाद में अपने रिश्तेदार के घर ठहरने गए समर सिंह को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे गाजियाबाद की अदालत में पेश कर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर सड़क मार्ग से शनिवार की सुबह वाराणसी लेकर आई। लगभग सात घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने समर सिंह को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। उधर, संजय सिंह की तलाश में सारनाथ थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच की तीन टीमों की दबिश जारी है।

यह भी पढ़ें- Samar Singh: आकांक्षा दुबे के प्रशंसकों ने समर सिंह पर किया हमले का प्रयास, कोर्ट परिसर में जबरदस्त हूटिंग

आकांक्षा के प्रशंसकों ने किया हमले का असफल प्रयास
अदालत में समर सिंह को पेश किए जाने की सूचना पर आकांक्षा दुबे के समर्थक अच्छी-खासी संख्या में कचहरी परिसर में पहुंच गए थे। इसके मद्देनजर कचहरी परिसर में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान भी तैनात किए गए थे। समर को देखते ही आकांक्षा दुबे के प्रशंसकों ने जबरदस्त हूटिंग की और उस पर हमले का प्रयास भी किया। हालांकि भारी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के कारण समर पर हमला करने में किसी को भी सफलता नहीं मिली। पुलिस अपने सुरक्षित घेरे में समर सिंह की पेशी के बाद उसे वाहन में बैठाई और फिर जिला जेल ले गई। इस बीच पत्रकारों ने आकांक्षा दुबे की मौत के संबंध में समर से सवाल पूछे, लेकिन वह सिर झुकाए हुए चुप्पी साधे रहा।

 

कोर्ट में पेशी के बाद समर सिंह (सफेद गमछे में) को ले जाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
आकांक्षा के लिए अधिवक्ता आए आगे
आकांक्षा दुबे की मां मधु दुबे की ओर से दर्ज कराया गया मुकदमा नि:शुल्क लड़ने की घोषणा अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी द्वारा की गई है। शनिवार को शशांक शेखर त्रिपाठी ने बताया कि मधु दुबे की ओर से सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रभु नारायण पांडेय व महामंत्री शशिकांत दुबे, अनिल पांडेय, अशोक यादव, विनय कुमार त्रिपाठी, गुड्डू चेग्वारा, आलो सौरभ पांडेय और मिथिलेश श्रीवास्तव ने अपना वकालतनामा दाखिल किया है।

पुलिस कस्टडी रिमांड में सुलझेगी आत्महत्या की गुत्थी
पुलिस के अनुसार आकांक्षा दुबे की आत्महत्या की गुत्थी तभी सुलझेगी, जब आरोपी समर सिंह से विस्तार से पूछताछ की जाएगी। 10 अप्रैल को प्रभावी तरीके से दलीलें प्रस्तुत कर अदालत से समर को 72 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर देने का अनुरोध किया जाएगा। अब तक की पूछताछ में समर से कोई ठोस जानकारी हाथ नहीं लगी है। उसके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही उसका डेटा भी रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।

 
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भोजपुरी गायक समर सिंह - फोटो : अमर उजाला
घर-गाड़ी खरीदने से लेकर हर जगह मदद ही किया
पुलिस लाइन में हुई पूछताछ में समर सिंह ने वही बातें दोहराई, जो उसने गाजियाबाद में प्रारंभिक पूछताछ में बताई थी। उसने कहा कि उसकी और आकांक्षा की इधर कोई खास बात नहीं होती थी। सिर्फ कामकाज के सिलसिले में ही बातचीत होती थी। समर सिंह ने कहा कि जब दोनों के संबंध अच्छे थे तो आकांक्षा के कहने पर वह उनके लिए चारपहिया वाहन खरीदने और मुंबई में फ्लैट खरीदने से लेकर हर जगह मदद ही किया। आकांक्षा की आत्महत्या से उसका कोई लेनादेना नहीं है और उसे गलत फंसाया गया है। पुलिस से उसने यह भी कहा कि सुनियोजित तरीके से उसका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। उसे अदालत पर भरोसा है।

क्वारंटीन बैरक में रखा गया है फिलहाल
जिला जेल में दाखिल किए जाने के बाद समर सिंह को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। जिला जेल के जेलर ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ रहा है, इसलिए एहतियातन 10 नंबर बैरक को क्वारंटीन बैरक बनाया गया है। रोजाना जो बंदी जेल में आ रहे हैं, उन्हें उसी बैरक में रखा जा रहा है। समर सिंह हमारे लिए एक सामान्य बंदी ही है। जो सुविधाएं अन्य बंदियों के लिए हैं, वही उसे भी मिलेगी।
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