अदालत में समर सिंह को पेश किया गया
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छह अप्रैल की रात गाजियाबाद में अपने रिश्तेदार के घर ठहरने गए समर सिंह को पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। इसके बाद उसे गाजियाबाद की अदालत में पेश कर पुलिस ट्रांजिट रिमांड पर सड़क मार्ग से शनिवार की सुबह वाराणसी लेकर आई। लगभग सात घंटे की पूछताछ के बाद पुलिस ने समर सिंह को रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया। उधर, संजय सिंह की तलाश में सारनाथ थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच की तीन टीमों की दबिश जारी है।
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आकांक्षा के प्रशंसकों ने किया हमले का असफल प्रयास
अदालत में समर सिंह को पेश किए जाने की सूचना पर आकांक्षा दुबे के समर्थक अच्छी-खासी संख्या में कचहरी परिसर में पहुंच गए थे। इसके मद्देनजर कचहरी परिसर में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवान भी तैनात किए गए थे। समर को देखते ही आकांक्षा दुबे के प्रशंसकों ने जबरदस्त हूटिंग की और उस पर हमले का प्रयास भी किया। हालांकि भारी संख्या में पुलिस बल तैनात होने के कारण समर पर हमला करने में किसी को भी सफलता नहीं मिली। पुलिस अपने सुरक्षित घेरे में समर सिंह की पेशी के बाद उसे वाहन में बैठाई और फिर जिला जेल ले गई। इस बीच पत्रकारों ने आकांक्षा दुबे की मौत के संबंध में समर से सवाल पूछे, लेकिन वह सिर झुकाए हुए चुप्पी साधे रहा।
कोर्ट में पेशी के बाद समर सिंह (सफेद गमछे में) को ले जाती पुलिस
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घर-गाड़ी खरीदने से लेकर हर जगह मदद ही किया
पुलिस लाइन में हुई पूछताछ में समर सिंह ने वही बातें दोहराई, जो उसने गाजियाबाद में प्रारंभिक पूछताछ में बताई थी। उसने कहा कि उसकी और आकांक्षा की इधर कोई खास बात नहीं होती थी। सिर्फ कामकाज के सिलसिले में ही बातचीत होती थी। समर सिंह ने कहा कि जब दोनों के संबंध अच्छे थे तो आकांक्षा के कहने पर वह उनके लिए चारपहिया वाहन खरीदने और मुंबई में फ्लैट खरीदने से लेकर हर जगह मदद ही किया। आकांक्षा की आत्महत्या से उसका कोई लेनादेना नहीं है और उसे गलत फंसाया गया है। पुलिस से उसने यह भी कहा कि सुनियोजित तरीके से उसका भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। उसे अदालत पर भरोसा है।
क्वारंटीन बैरक में रखा गया है फिलहाल
जिला जेल में दाखिल किए जाने के बाद समर सिंह को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। जिला जेल के जेलर ने बताया कि कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर बढ़ रहा है, इसलिए एहतियातन 10 नंबर बैरक को क्वारंटीन बैरक बनाया गया है। रोजाना जो बंदी जेल में आ रहे हैं, उन्हें उसी बैरक में रखा जा रहा है। समर सिंह हमारे लिए एक सामान्य बंदी ही है। जो सुविधाएं अन्य बंदियों के लिए हैं, वही उसे भी मिलेगी।