एससी-एसटी एक्ट में किए गए संशोधन के विरोध में गुरुवार को आयोजित भारत बंद के मद्देनजर पुलिस और खुफिया इकाइयों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
लखनऊ स्तर से ताकीद की गई है कि बाजारों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, मॉल सहित अन्य सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानोें पर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहें। सूचना संकलन के काम में किसी भी स्तर पर खुफिया इकाइयों से लापरवाही न हो।
बनारस के एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सुबह से सभी क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष और हल्का प्रभारी अपने क्षेत्र में भ्रमणशील रह कर स्थिति पर नजर रखेंगे। जिले के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस के साथ ही पीएसी के जवान भी तैनात रहेंगे। विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वालों से हमारी अपील है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने कार्यक्रम का आयोजन करें।
शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों से पुलिस सख्ती से पेश आएगी। इस संबंध में दिए गए निर्देशों को लेकर जो भी पुलिसकर्मी लापरवाही बरतता हुआ पाया जाएगा वो कार्रवाई की जद में आएगा।
अधिवक्ता न्यायिक कार्य से रहेंगे विरत
एससी-एसटी एक्ट के विरोध में भारत बंद के समर्थन में गुरुवार को बनारस के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। अधिवक्ताओं ने यह निर्णय सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक में अधिवक्ता विनोद सिंह के प्रस्ताव पर लिया है।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के सभागार में हुई बैठक में सर्व सम्मति से एससी-एसटी एक्ट का विरोध करते हुए विभिन्न संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद का समर्थन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर डीएम कार्यालय पर धरना देंगे।