बड़ागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कायाकल्प में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश स्तर पर पहला स्थान मिला है। राज्य स्तर पर 295 पीएचसी के मूल्यांकन में बड़ागांव को 92.25 प्रतिशत अंक मिला है। इसके साथ ही पीएचसी पिंडरा, सेवापुरी को भी पहली बार कायाकल्प पुरस्कार मिला है।
पीएचसी हरहुआ, सीएचसी चोलापुर, दीनदयाल अस्पताल, मंडलीय अस्पताल, पीएचसी मंडुवाडीह को भी इसी साल अवार्ड से नवाजा गया है। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि तीन चरणों में होने वाले मूल्यांकन में स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, समर्थन तथा स्वच्छता को बढ़ावा देना, मरीजों के साथ स्टाफ का सकारात्मक व्यवहार आदि को आधार बनाया जाता है।
बड़ागांव को मिले 92.25 प्रतिशत अंक
मंडलीय सलाहकार डॉ. आरपी सोलंकी ने कहा कि कायाकल्प कार्यक्रम के तहत वर्ष 2020-21 के लिए जिले की आठ स्वास्थ्य इकाईयों में बड़ागांव पीएचसी (92.25 प्रतिशत), सेवापुरी पीएचसी (77.70 प्रतिशत), पिंडरा पीएचसी (72.70 प्रतिशत), हरहुआ पीएचसी (73.85 प्रतिशत), सीएचसी चोलापुर (88.8 प्रतिशत), नगरीय पीएचसी मंडुवाडीह, दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल, मंडलीय अस्पताल को भी इसी साल अवार्ड मिला है। बड़ागांव पीएचसी के प्रभारी डॉ. शेर मोहम्मद ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया।
जांच और इलाज की सुविधाओं का होता है मूल्यांकन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों के जांच, इलाज की सुविधाओं का कायाकल्प के तहत ही मूल्यांकन कराया जाता है। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों को पुरस्कृत भी किया जाता है। हाल ही में हुए मूल्यांकन के जारी परिणाम में आठ स्वास्थ्य इकाईयों के नाम अवार्ड पाने वालों की सूची में शामिल हैं।
बड़ागांव पीएचसी को प्रदेश में पहला स्थान मिलना गौरव की बात हैं। अब तक इस पीएचसी को पांच बार कायाकल्प अवार्ड मिल चुका है।
डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ