पिछले दिनों राइट्स की ओर से किए गए सर्वे पर भी चर्चा होगी। यहां बता दें कि रेल इंडिया टेक्निकल और इकॉनमिक सर्विसेज (राइट्स) द्वारा तैयार वाराणसी के पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्लेटफार्म परियोजना पर करीब 12 हजार करोड़ खर्च आंका गया है। पहले बनाए गए प्लान के अनुसार बाबतपुर रोड स्थित भेल से लंका तक 13 किलोमीटर तक लाइट मेट्रो चलाने का प्रस्ताव है। लाइट मेट्रो के 13 स्टेशन होंगे।
मोबिलिटी प्लान में कनेक्ट होंगे मोड
विकास प्राधिकरण की ओर से तैयार योजना के बाद राइट्स ने मेट्रो के साथ रोपवे और वाटरवेज को कनेक्ट करने का भी प्लान सुझाया था। इसमें 13 किलोमीटर लंबी मेट्रो परियोजना के साथ 16 किलोमीटर लंबे रोप-वे से पुराने शहर को इंटरकनेक्ट करने की योजना है। इसी तरह शहर की सड़कें चौड़ी करके इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा।
खिड़किया घाट से अस्सी तक वॉटर वेज के तहत फेरी सर्विस शुरू करने का भी प्लान है। इससे लोग कम समय और कम खर्च में एक से दूसरे हिस्से में पहुंच सकेंगे।
तलाशी जा रही है टायर मेट्रो की संभावना
मेट्रो और लाइट मेट्रो के साथ ही वाराणसी में टायर मेट्रो के संचालन की संभावना तलाशी जा रही है। एक्सपर्ट के मुताबिक कम डिब्बों की टायर मेट्रो कम जगह में आसानी से मुड़ने के साथ ही संकरे शहरों के लिए मुफीद है। हालांकि इस पर केंद्र सरकार की टीम के साथ चर्चा के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि मेट्रो परियोजना पर चर्चा के लिए शासन की टीम के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए चर्चा हुई है। मेट्रो परियोजना के हर पहलु पर अध्ययन किया जा रहा है और संजीदगी से इसकी संभावना देखी जा रही है। भारत सरकार के अधिकारियों के साथ 27 अक्तूबर के बाद इस पर चर्चा होगी।