अनुच्छेद 370 और 35ए के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की ओर से दिए गए बयान को जौनपुर के सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया है। न्यायालय ने इस पर सुनवाई के लिए पांच दिसंबर की तिथि नियत की है।
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अरुण कुमार सिंह ने अधिवक्ता रणंजय सिंह के माध्यम से परिवाद प्रस्तुत करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूख अब्दुल्ला ने 11 अक्तूबर 2020 को अनुच्छेद 370 व 35ए के संबंध में कहा है कि इन दोनों धाराओं की बहाली में चीन से मदद मिल सकती है।
370 हटाना हमें कबूल नहीं है। जब तक 370 बहाल नहीं होता तब तक हम लोग रुकने वाले नहीं हैं। इस प्रकार के उनके बयान का प्रसारण एवं प्रकाशन परिवादी एवं गवाहों ने देखा एवं सुना।
आरोपी ने देश की छवि को अंतर्राष्ट्रीय पटल पर नीचा दिखाने का प्रयास किया। देश की एकता अखंडता को क्षति पहुंचाई। आरोपी को राजद्रोह के अपराध में तलब कर दंडित किए जाने की मांग की गई।