बलिया के डीएम के आने के दौरान शहर में जलभराव की समस्या विकट थी। उन्होंने समस्या समाधान के लिए नाला निर्माण की दिशा में पहल की। नहरों की सफाई के लिए आए धन की बंदरबांट भी रोकी। कटहल नाले के साथ कई नहरों की सफाई अपनी देखरेख में कराई। द्वाबा इलाके के पानी में आर्सेनिक की समस्या के मद्देनजर जिले में ऐसे 38 कुंओं को खोजवाया, जिनके पानी में आर्सेनिक नहीं है। इतना ही नहीं, उन्होंने अधिकारियों को उनकी प्रतिभा के मुताबिक जिम्मेदारी देकर कोरोना संक्रमण कम करने में कामयाबी पाई।