पूर्वांचल की सबसे बड़ी बकरा मंडी बेनियाबाग मैदान में सज गई है। यहां विभिन्न नस्लों के बकरे बाहर से आ चुके हैं। इसके अलावा आदमपुर, पीलीकोठी, जलालीपुरा, मदनपुरा, लल्लापुरा, बजरडीहा, कोनिया, सरैया, बड़ी बाजार, लोहता, रामनगर समेत मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में छोटी- बड़ी दुकानें लगी हुई हैं।
बेनियाबाग मैदान में लगने वाली इस पारंपरिक मंडी का इंतजार हर साल कुर्बानी से पहले किया जाता है। खरीददारी के लिए वाराणसी के अलावा मऊ, आजमगढ़, बलिया, देवरिया, जौनपुर, चंदौली और गाजीपुर समेत पूर्वांचल से व्यापारी आते हैं।
बिकने के लिए बाजार में खड़े बकरे।
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बिजली, पानी, सफाई और सुरक्षा के हों इंतजाम
ईद उल अजहा यानी बकरीद का पर्व सात जून को अकीदत के साथ मनाया जाएगा। शहर की मस्जिदों में सुबह से नमाज का सिलसिला शुरू होगा और 10:30 बजे तक चलेगा। इस दौरान मुस्लिम समाज जानवरों की कुर्बानी होगी।
शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर और अली समिति के सचिव हाजी फरमान हैदर ने प्रशासन से बिजली, पानी, सफाई और सुरक्षा के इंतजाम की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है सफाई का विशेष इंतजाम किया जाए और सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। वहीं जो मस्जिद संवेदनशील इलाकों में मैं हैं वहां पर पुलिस फोर्स का इंतजाम किया जाए। नौ जून तक यह कुर्बानी का सिलसिला चलेगा और शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में साफ सफाई का विशेष ध्यान दिया जाए।
खुले में न करें कुर्बानी, सफाई का रखें ध्यान
ईद उल अजहा के पर्व से पहले मुत्तहिदा उलेमा कौंसिल ने मुस्लिम समाज के लिए अपील जारी की है। कहा कि मुस्लिम समाज के लोग खुले में कुर्बानी ना करें। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखें कि प्रतिबंधित जानवरी की कुर्बानी ना होने पाए।
दालमंडी स्थित मुसाफिर खाना में हुई बैठक के दौरान सभी से अपील की गई कि कुर्बानी के बाद अपशिष्ट का निस्तारण निर्धारित स्थानों पर ही करें। खुले स्थान पर अपशिष्ट ना फेंकें। बैठक की अध्यक्षता हाजी हबीबुल्लाह ने की। संचालन जुल्फकार जैदी ने किया। बैठक में अमीनुद्दीन सिद्दीकी, फैसल इकबाल, अब्दुल्लाह फैसल, हाजी शौकत अली उपस्थित थे।