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कण-कण बोला बम-बम भोला: बाबा विश्वनाथ का हुआ अद्भुत गौरी-शंकर श्रृंगार, जिसने भी देखा..निहारता रह गया

Tue, 18 Jul 2023 09:05 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

सावन के दूसरे सोमवार को कर्क संक्रांति और सोमवती अमावस्या के दुर्लभ संयोग में भक्तों की भारी भीड़ श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़ी। बीती रात से ही कांवड़िये बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कतारबद्ध हो रहे थे। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कतारबद्ध कांवड़ियों का स्वागत फूल बरसाकर किया।
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बाबा का गौरी शंकर श्रृंगार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सावन के दूसरे सोमवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में आस्था की अनवरत गंगा प्रवाहमान हो उठी। गलियों से धाम तक भक्तों का ऐसा रेला उमड़ा कि काशी का कण-कण बम-बम भोले के जयघोष से गुंजायमान हाे उठा। मंगला आरती से शुरू हुआ दर्शन पूजन और अभिषेक का सिलसिला शयन आरती तक अनवरत चलता रहा। शाम को पांच बजे तक पांच लाख से अधिक शिवभक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। बाबा विश्वनाथ ने भक्तों को गौरीशंकर स्वरूप में दर्शन दिए।

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सावन के दूसरे सोमवार को कर्क संक्रांति और सोमवती अमावस्या के दुर्लभ संयोग में भक्तों की भारी भीड़ श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में उमड़ी। बीती रात से ही कांवड़िये बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने के लिए कतारबद्ध हो रहे थे। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने कतारबद्ध कांवड़ियों का स्वागत फूल बरसाकर किया। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव... के जयघोष से गूंज उठा। मंगला आरती में 350 से अधिक श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोले गए रात भर से कतारबद्ध शिवभक्तों का जोश देखते ही बना। हर-हर महादेव, बोल-बम, काशी विश्वनाथ शंभू का जयघोष करते हुए कांवड़ियों का रेला मंदिर परिसर में उमड़ पड़ा।

 

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बाबा विश्वनाथ का गौरी शंकर श्रृंगार - फोटो : अमर उजाला
ललिता घाट की ओर से आ रहे दर्शनार्थी भैरव गेट, लाइब्रेरी रैंप चेकिंग प्वाइंट से प्रवेश कर रहे थे और पूर्वी निकास द्वार से ललिता घाट की तरफ बाहर निकल रहे थे। मैदागिन चौराहे की ओर से आने वाले गेट नंबर चार के पास बने चेकिंग प्वाइंट से प्रवेश करके दर्शन के बाद नंदू फारिया निकास द्वार से निकल रहे थे। गोदौलिया चौराहे की ओर से आने वाले दर्शनार्थी बांसफाटक, कोतवालपुरा होते हुए ढुंढिराज गणेश चेकिंग प्वाइंट से प्रवेश करके नंदू फारिया निकास द्वार से बाहर निकल रहे थे। दशाश्वमेध घाट की ओर से आने वाले दर्शनार्थियों को सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया गया। वाईएसके-2 चेकिंग प्वाइंट से होकर दर्शन करते हुए सरस्वती फाटक से बाहर निकल रहे थे।

भीड़ का आलम यह था कि एक कतार बांसफाटक गोदौलिया होते हुए दशाश्वमेध घाट तो दूसरी गिरजाघार चौराहा होते हुए लक्सा की ओर जा रही थी। गेट नंबर चार से मैदागिन की ओर आने वाले रास्ते पर कतार चौक से आगे तक लगी थी। ्रगंगाद्वार पर तो ललिता घाट के आगे से ही श्रद्धालु कतार में खड़े थे। दोपहर 12 बजे तक धाम में जलाभिषेक करने वालों की संख्या 3,14,194 पहुंच चुकी थी। वहीं शाम को पांच बजे श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख से अधिक पहुंच गई थी। शयन आरती तक दर्शन पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा।

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