बाबा विश्वनाथ का गौरी शंकर श्रृंगार
- फोटो : अमर उजाला
ललिता घाट की ओर से आ रहे दर्शनार्थी भैरव गेट, लाइब्रेरी रैंप चेकिंग प्वाइंट से प्रवेश कर रहे थे और पूर्वी निकास द्वार से ललिता घाट की तरफ बाहर निकल रहे थे। मैदागिन चौराहे की ओर से आने वाले गेट नंबर चार के पास बने चेकिंग प्वाइंट से प्रवेश करके दर्शन के बाद नंदू फारिया निकास द्वार से निकल रहे थे। गोदौलिया चौराहे की ओर से आने वाले दर्शनार्थी बांसफाटक, कोतवालपुरा होते हुए ढुंढिराज गणेश चेकिंग प्वाइंट से प्रवेश करके नंदू फारिया निकास द्वार से बाहर निकल रहे थे। दशाश्वमेध घाट की ओर से आने वाले दर्शनार्थियों को सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया गया। वाईएसके-2 चेकिंग प्वाइंट से होकर दर्शन करते हुए सरस्वती फाटक से बाहर निकल रहे थे।
भीड़ का आलम यह था कि एक कतार बांसफाटक गोदौलिया होते हुए दशाश्वमेध घाट तो दूसरी गिरजाघार चौराहा होते हुए लक्सा की ओर जा रही थी। गेट नंबर चार से मैदागिन की ओर आने वाले रास्ते पर कतार चौक से आगे तक लगी थी। ्रगंगाद्वार पर तो ललिता घाट के आगे से ही श्रद्धालु कतार में खड़े थे। दोपहर 12 बजे तक धाम में जलाभिषेक करने वालों की संख्या 3,14,194 पहुंच चुकी थी। वहीं शाम को पांच बजे श्रद्धालुओं की संख्या पांच लाख से अधिक पहुंच गई थी। शयन आरती तक दर्शन पूजन का सिलसिला अनवरत चलता रहा।