बाबा श्री कपाल भैरव (लाट भैरव) जी के विवाहोपरांत मंगलवार को खिचड़ी भोग का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम बाबा श्रीलाट भैरव के विशालकाय लिंग रूप प्रतिमा को स्नान कराकर नवीन वस्त्र, रजत मुंडमाला, गेंदा, गुलाब, दौना, आदि पुष्पों की माला से सुसज्जित किया गया। इसके बाद अष्ट भैरव सहित माता काली का शृंगार किया गया।
गर्भगृह में बने भव्य पंडाल में रजत मुखौटा धारण किए, मस्तक पर भस्म लगाएं, लाल वस्त्र में बाबा की अद्भुत छवि का दर्शन हर कोई अलौकिक आनंद की अनुभूति कर आध्यात्मिक शक्ति को आत्मसात कर रहा था। अष्ट भैरवों में बाबा असितांग भैरव, रुरु भैरव, चंड भैरव, क्रोधन भैरव, उन्मत्त भैरव, कपाल भैरव, संहार भैरव, भीषण भैरव रहे। परम्परानुसार कज्जाकपुरा स्थित मंदिर प्रांगण में लाट भैरव जी के साथ अष्ट भैरवों को खिचड़ी, पूड़ी, सब्जी, खीर आदि व्यंजनों का भोग अर्पित किया गया। कोविड के कारण भंडारे का आयोजन स्थगित करते हुए भक्तों में प्रसाद के पैकेट का वितरण किया गया। पुजारी चंदन पांडेय ने अष्ट भैरव की आठ विधियों से आरती की। अध्यक्ष हरिहर पांडेय ने बताया कि इस दौरान बसंत सिंह राठौर, छोटेलाल जायसवाल, मुन्ना लाल यादव, विक्रम सिंह राठौर, शिवम अग्रहरि, बच्चे लाल, अजय सिंह, कर्णशंकर पांडेय, राजकुमार, झन्ना लाल आदि मौजूद रहे।