आजमगढ़। नगर पालिका परिषद मुबारकपुर में पीएफ घोटाला की शिकायत पर जांच भी चल रही है। ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया है लेकिन सप्ताह भर बाद भी नोटिस का जवाब श्रम प्रवर्तन अधिकारी वाराणसी को नहीं भेजा गया है। अब ठेकेदार पर 1.86 करोड़ का ड्यूज बनाने के साथ ही धारा 7 ए के तहत कार्रवाई हो सकती है।
नगर पालिका मुबारकपुर में ठेकेदारी व्यवस्था के तहत 171 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। कर्मचारियों की तैनाती का ठेका देवेंद्र कुमार सिंह के नाम है। इन कर्मचारियों के पीएफ में गड़बड़ी की शिकायत की गई है। आरोप लगाया गया कि ठेकेदार द्वारा पीएफ अकाउंट में पैसा ही जमा नहीं किया गया है। ठेकेदार व नपा प्रशासन के इस गड़बड़ी की शिकायत आमिर फहीम ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन से की। इस पर जांच पड़ताल शुरू हुई तो धांधली मिली। प्रकरण की जांच की जिम्मेदारी वाराणसी कार्यालय में तैनात श्रम प्रवर्तन अधिकारी तिलकधारी राम को दो गई है। इस बाबत ठेकेदार व नपा के ईओ को पूर्व में ही नोटिस भेजा जा चुका है। रिमाइंडर 23 अगस्त को भेजा गया और एक सप्ताह में सभी कर्मियों के पीएफ का रिकार्ड मांगा गया। यह समय सीमा भी बीत चुकी लेकिन अब तक ठेकेदार ने जवाब नहीं दिया है।
कर्मचारियों के पीएफ को लेकर काफी गड़बड़ी सामने आई है। जांच पड़ताल की जा रही है। ठेकेदार का सहयोग नहीं मिला है। अब तक कर्मचारियों के रिकार्ड आदि नहीं उपलब्ध कराए गए हैं। नोटिस के बाद दो-दो रिमाइंडर भी भेजे जा चुके हैं। ऐसे में यदि अब भी नोटिस का जवाब नहीं आता है तो निश्चित तौर पर धारा 7ए के तहत कार्रवाई की जाएगी और 1.86 करोड़ का ड्यूज बनाया जा सकता है।
तिलकधारी राम, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, वाराणसी।
कर्मचारियों के पीएफ में गड़बड़ी का मामला संज्ञान में है लेकिन अभी कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलता है तो निश्चित तौर पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-प्रतिभा सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद, मुबारकपुर