इस दौरान विपिन सोनकर को जैसे ही पुलिस ने हिरासत में लिया तो परिजन सहित आसपास के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। रात के समय पुलिस भांप नहीं सकी और घर की छतों से महिलाएं और लड़कों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।
मुंह पर गमछा और मास्क लगाए पांच से सात की संख्या में युवकों ने लाठी डंडे और पत्थरबाजी के जरिए हिरासत में लिए गए विपिन सोनकर को छुड़ा लिया। इस दौरान पत्थरबाजी में चौकी इंचार्ज दीपक कुमार का हाथ फ्रैक्चर हो गया। अन्य तीन से चार पुलिसकर्मियों को सिर और पीठ में ईंटे व पत्थर लगे।
रात के समय अधूरी फोर्स के संग दबिश डालने गई पुलिस टीम बैरंग लौट आई। हालांकि इस घटना के बाद लंका पुलिस ने इलाके में ताबड़तोड़ छापा मारा लेकिन अपराधी हाथ नहीं लगा। घर में सिर्फ महिलाएं ही रहीं। घटना के बाबत चौकी इंचार्ज दीपक की तहरीर पर विपिन सोनकर व एक अज्ञात पर लंका थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।
वहीं, सीरगोवर्धनपुर निवासी नानक यादव ने भी लूट सहित विभिन्न आरोपों में विपिन सोनकर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इस संबंध में डीसीपी काशी अमित कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बाकि अन्य आरोपियों की भी पहचान कराई जा रही है।
डिलिवरी मैन और राहगीरों से करता है लूट
पुलिस के अनुसार, भगवानपुर का रहने वाला विपिन सोनकर का नाम आएदिन लूट और छिनैती की घटनाओं में आता रहता है। आनलाइन फूड और कोरियर डिलिवरी कंपनी के डिलिवरी मैन और रात में राहगीरों, एंबुलेंस चालकों को धमकाकर धन उगाही जैसी शिकायतें आ चुकी हैं। दो माह पूर्व लंका दूध सट्टी के पास हुई हवाई फायरिंग में भी विपिन की संलिप्ता सामने आई थी।