फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

असि-वरुणा नदी में प्रदूषण: एनजीटी ने नमामि गंगे को लगाई फटकार, याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता ने रखा पक्ष

Tue, 16 Nov 2021 10:57 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी में गंगा की सहायक नदी असि और वरुणा में प्रदूषण व अतिक्रमण को लेकर एनजीटी के समक्ष याचिका दायर की है। मंगलवार को हुई सुनवाई में एनजीटी ने नमामि गंगे को फटकार लगाई।
विज्ञापन
ngt - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

असि और वरुणा नदी में व्याप्त अतिक्रमण और प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नमामि गंगे को फटकार लगाई है। मंगलवार को दिल्ली में एनजीटी के समक्ष हुई सुनवाई में नमामि गंगे ने दो चरणों में नदी की सफाई और अतिक्रमण हटाने का भरोसा एनजीटी को दिया। 

विज्ञापन


वाराणसी में गंगा की सहायक नदी असि व वरुणा के प्रदूषण व अतिक्रमण को लेकर एनजीटी के समक्ष याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने भी सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखा। बताया कि इस दौरान एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अगुवाई वाली पीठ ने कहा की गंगा एक्शन प्लान विफल रहा और अब भी आप लोग नहीं चेत रहे।

जनता का पैसा खूब खर्च हो रहा लेकिन स्थिति नहीं बदल रही। अधिकारी कुछ भी रिपोर्ट लगा देते हैं और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती। ऐसे में दोषी अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करना चाहिए।
विज्ञापन


सुनवाई के दौरान नमामि गंगे ने कही ये बात 
एनजीटी के समक्ष हुई सुनवाई  के दौरान नमामि गंगे द्वारा बताया गया की असि और  वरुणा नदी की पुनरुद्धार व पुनर्स्थापन का कार्य दो चरणों में किया जाएगा।  इस पर चेयरमैन की ओर से कहा गया कि जो 230 पेज की रिपोर्ट जमा की गई, उसमें असि और वरुणा के पुनरुद्धार के लिए पांच साल का समय मांगा है।

विज्ञापन

अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने बताया कि नमामि गंगे की ओर से वकील नें एनजीटी बेंच को बताया की अगले वर्ष के अंत तक हम असि व वरुणा नदी को प्रदूषण व अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में अधिकतर कार्यों को पूरा कर लेंगे।

साथ ही असि और वरुणा नदी के गंगा में संगम से लेकर पांच किलोमीटर पहले तक बायोडायवर्सिटी पार्क भी  बनेगा। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता सौरभ तिवारी नें असि नदी के किनारे संकटमोचन मंदिर व रविन्द्रपुरी पुल के बीच घसियारी टोला बसाने के नाम पर असि नदी किनारे अतिक्रमण का मुद्दा उठाया।
पढ़ेंः हिनौत विस्फोट कांड: जेल में बंद 17 आरोपियों को चंदौली कोर्ट ने किया बरी, 2004 में 15 जवान हुए थे शहीद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें