जैन मुनि आचार्य विशद सागर महाराज ने कहा कि जीवन में परेशानियां मैं-मैं के भाव से आती हैं। सांसों का आवागमन बना हुआ है तो जीवन चल रहा है और सांस रुकते ही प्राण पखेरू उड़ जाते हैं। दिल की धड़कन हर पल सचेत करती है कि मानव जीवन का हर पल कीमती है। इंसान के जीवन का समय पूरा होते ही मौत का मेहमान बन जाता है।
रविवार को अभिनव कल्पतरु विधान के अंतिम दिन जैन मुनि ने कहा कि लोग कहते हैं समय को काट रहे हैं, किंतु भगवान महावीर का सिद्धांत कहता है तुम्हारी क्या औकात जो समय को काट रहे हो। समय को तुम नहीं काट रहे बल्कि समय तुम्हें काट रहा है। समोसारण के दिन जैन समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान सर्व जीवन कल्याण की कामना की गई। विश्व शांति के कल्याणार्थ हवन और महायज्ञ किया गया। इस दौरान अजीत कुमार, सुधीर कुमार, अशोक कुमार, डॉ. केके जैन, आरसी जैन, दीपक जैन मौजूद रहे।