जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर कोरोना संक्रमितों का दबाव है। पूर्वांचल के जिलों के लोग भी अच्छी सुविधाओं के लिए वाराणसी के अस्पतालों की ओर ही रुख रहे हैं। ऐसे में निजी एंबुलेंस चालक उनसे मनमाना किराया वसूल रहे हैं। कई बार तो मरीज की स्थिति पर भी किराया तय होता है। मरीज या मरीज के परिजन उनसे किराया कम करने की विनती भी करते हैं, तो उनका सीधा जवाब होता कि कोई दूसरा चालक ढूंढ लीजिए।
संक्रमित फिर भी एंबुलेंस के लिए इंतजार
कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में इस समय गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ गई है। इमरजेंसी में हर दिन करीब 100 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें करीब आधे लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। इसके लिए शासकीय एंबुलेंस आती है। एंबुलेंस के इंतजार में वहां पर पांच-पांच घंटे तक लोग इंतजार करते हैं। कबीरचौरा निवासी एक बुजुर्ग महिला की रिपोर्ट बुधवार को सुबह पॉजिटिव आई। एंबुलेंस की व्यवस्था उनके लिए दोपहर में तीन बजे हुई। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती किया जा सका। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में बेड की व्यवस्था में देर हुई।