किशोर ने फेसबुक लाइव के जरिए अपने स्वास्थ्य की जानकारी दी थी। एक वीडियो में उन्होंने बताया था कि उन्होंने सारी जांच करा ली है सिर्फ टायफाइड ही निकला और जल्द ही ठीक होने की बात कही थी। पिछले 5 दिनों से हालत खराब होने पर दो प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया। दो दिन पहले ही उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई जिसके बाद उनकी हालत और खराब होती गई। गुरुवार को उनका निधन हो गया।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी ने बताया कि भूखे लोगों को भोजन मुहैया कराने के साथ ही किशोर महिला हिंसा व महिला अधिकारों केलिए भी समय-समय पर आवाज उठाते थे। कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद बचाने का हरसंभव प्रयास किया किंतु लचर व्यवस्था की वजह से उनकी जान चली गई। इलाज के लिए समय से ना वेंटीलेटर मिला न समुचित ईलाज। रेमिडिसिविर इंजेक्शन की एक शीशी बीस हजार की खरीदी गई थी लेकिन हम किशोर को नहीं बचा सके।