वाराणसी जिले में कोरोना टीकाकरण के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। हालांकि, इसमें बच्चों संग युवाओं का शत प्रतिशत टीकाकरण बड़ी चुनौती बनी है। तीन जनवरी से शुरू 18 से 44 साल वालों के टीकाकरण में चार महीने बाद भी अब तक महज 80 प्रतिशत युवाओं को ही दोनों डोज लग पाई है।
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पहली डोज का लक्ष्य पूरा हो चुका है, लेकिन दूसरी डोज का बीस प्रतिशत लक्ष्य बाकी है। जिले में 20,10,287 युवाओं को टीका लगना है। अस्पतालों के साथ ही शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों पर व्यवस्था की गई है। जहां सरकार की ओर से बच्चों और युवाओं से टीका लगवाने की अपील की जा रही है, इसका बहुत ज्यादा असर नहीं दिख रहा है।
अब जबकि संक्रमण फिर से बढ़ने लगा है तो स्वास्थ्य विभाग के साथ ही स्कूल-कॉलेजों से भी अपील की जा रही है।
आईएमए अध्यक्ष डॉ. कार्तिकेय सिंह ने कहा कि कोरोना का संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है। सभी को चाहिए कि वह केंद्रों तक पहुंचकर टीका जरूर लगवाएं। आईएमए की ओर से सभी सदस्यों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया है।
मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के प्रमुख अधीक्षक डॉ. प्रसन्न कुमार ने कहा कि संक्रमण से बचाव में टीकाकरण सबसे बड़ा हथियार है। बच्चों के साथ ही युवाओं को बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए। टीकाकरण से सेहत पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है।