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नई पहचान: अंदर एयरपोर्ट सा सुंदर है बनारस रेलवे स्टेशन, बाहर से लगता है कोई कॉर्पोरेट कार्यालय 

Thu, 05 May 2022 05:34 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी

सार

बनारस रेलवे स्टेशन को यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखकर वर्ल्ड क्लास का बनाया गया है। यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिले इस बात पर काफी जोर दिया गया है। इस स्टेशन पर बनारस की संस्कृति झलकती है। कई मायनों में यह दूसरे स्टेशनों से खास है।
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बनारस स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल में बनारस स्टेशन कई मायनों में अन्य स्टेशनों से एकदम खास है। एयरपोर्ट जैसी साफ-सफाई और सुंदरता इस स्टेशन पर देखते ही बनती है। सरकारी दस्तावेज में वाराणसी तो धार्मिक दस्तावेज में काशी के नाम से प्रसिद्ध इस शहर में मंडुवाडीह नाम बदलकर बनारस स्टेशन नाम देकर एक नई पहचान देने का काम रेलवे ने किया है। देश, दुनिया से आने वाले पर्यटकों को भी यह स्टेशन अपने आप में लुभाता है।

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वाराणसी-प्रयागराज रेल खंड पर स्थित मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बनारस करने की स्वीकृति रेलवे बोर्ड ने 15 जुलाई 2021 को दी थी। स्टेशन का नाम हिंदी और अंग्रेजी में बनारस किया गया। स्टेशन का कोड बीएसबीएस किया गया। बनारसी संस्कृति की पहचान को कायम रखने के लिए काशी के विद्वत जन की मांग पर इस स्टेशन के नाम की पट्टिका पर संस्कृत में भी इसका नाम (बनारस:) अंकित है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह शहर हिंदू देवता शिव की नगरी के रूप में भी विख्यात है। शिव की नगरी के पर्यायवाची शब्दों में बनारस भी क्षेत्रीय लोकाचार की भाषा में प्रसिद्ध है। विकास की परिकल्पनाओं को साकार करते हुए, मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन को पुनर्विकसित करते हुए नया स्वरूप प्रदान किया गया।
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यह विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन किसी हवाई अड्डे की तरह दिखता है। बाहर से यह किसी बड़े प्रतिष्ठित निगमित कॉर्पोरेट कार्यालय की तरह दिखाई देता है। स्टेशन भवन बनारस रेलवे स्टेशन को अलग बनाता है, इसमें यात्रियों के अनुकूल विभिन्न सुविधाएं भी हैं।
 

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नए रूपांतरित स्टेशन में एक विशाल प्रतीक्षालय क्षेत्र, विभिन्न श्रेणियों के प्रतीक्षालय, उच्च श्रेणी यात्री विश्रामालय, एस्केलेटर सीढ़ियां, लिफ्ट, फूड प्लाजा, कैफेटेरिया, वीआईपी लाउंज, पार्किंग, सेल्फी पॉइंट, राष्ट्रीय ध्वज, धरोहर के रूप में छोटी लाइन का इंजन, विस्तृत ग्रीन और स्वच्छ सर्कुलेटिंग एरिया, आधुनिक बुकिंग और आरक्षण कार्यालय, फूड कोर्ट, सभी सुविधाओं से परिपूर्ण वेटिंग रूम और बहुत कुछ है।

पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए स्टेशन परिसर की वास्तुकला काशी की आस्था को दर्शाती है। यात्री प्रतीक्षालय की दीवारों पर एक तरफ धमेख स्तूप के साथ बुद्ध तो दूसरी तरफ शिव बीच में गंगा की धारा यात्रियों को बरबस लुभाती है। स्टेशन परिसर में फव्वारे और यात्रियों के लिए बैठने की जगह शामिल है। इस स्टेशन को उन्नत यात्री सुविधाओं के रख-रखाव के लिए आईएसओ सर्टिफिकेशन व साफ-सफाई एवं कुशल प्रबंधन के लिए फाइव एस सर्टिफिकेशन भी प्राप्त है।

गुजरती है महत्वपूर्ण ट्रेनें
वाराणसी से नई दिल्ली, मुंबई आदि शहरों के लिए महत्वपूर्ण ट्रेनें गुजरती है। सबसे लोकप्रिय ट्रेन शिवगंगा और बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट, बनारस-रामेश्वरम सहित पुणे, महाराष्ट्र के लिए ट्रेनें रोजाना अप-डाउन करती हैं।
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