वाराणसी जिले में कोरोना टीकाकरण का ग्राफ बढ़ाने के उद्देश्य से अब लोगों को दूसरी के साथ ही बूस्टर डोज के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कोरोना की पहली, दूसरी लहर के मुकाबले तीसरी लहर के बाद टीका लगवाने वालों की संख्या बढ़ी है। इस लहर में 12 से 14 साल और 15 से 17 साल के किशोरों के टीकाकरण की भी शुरुआत हुई है। टीकाकरण केंद्रों के साथ ही विद्यालयों में भी टीका लगवाया जा रहा है।
इस बीच स्वास्थ्य विभाग के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर ग्राम प्रधान, कलाकार, धर्मगुरु भी लोगों से टीकाकरण के लिए आगे आने की अपील कर रहे हैं। गांवों में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी लोगों को बता रहे हैं कि समय पर टीका लगवाने से संक्रमण का खतरा कम होगा।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने कहा कि अधिक से अधिक लोग टीकाकरण करा सकें और उन्हें भटकना न पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। निश्चित ही टीका लगवाने के बाद कोरोना संक्रमण का खतरा कम रहेगा, यह भी बताया जा रहा है।
पातालपुरी मठ के महंत बालक दास ने कहा कि कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण बहुत उपयोगी है। ऐसी स्थिति में जबकि संक्रमण बढ़ने लगा है, सभी को चाहिए कि टीका जरूर लगवाएं। मैंने टीका लगवाया है। मुझे किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
पद्मश्री प्रो. राजेश्वर आचार्य (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी) ने कहा कि टीका लगवाने के बाद किसी तरह की समस्या नहीं हुई। टीका केवल कोरोना ही नहीं बल्कि अन्य बीमारियों से बचाव में भी सहायक है। इससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनी रहती है। जो भी आयुसीमा में आते हैं, उन्हें टीका जरूर लगवाना चाहिए। -
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा कि बड़े के साथ ही किशोरों, युवाओं को टीकाकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विद्यालयों में भी कैंप लगाया जा रहा है। हर घर दस्तक अभियान, सीएम आरोग्य मेला में संक्रमण का खतरा कम होने सहित अन्य लाभ के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।
नीलू पटेल (ग्राम प्रधान, चांदपुर) ने कहा कि समय पर पहली, दूसरी डोज के साथ ही बूस्टर डोज भी लगवाने की अपील गांव में लोगों से की जा रही है। अभिभावकों से भी घर के किशोरों, युवाओं और महिलाओं को टीकाकरण केंद्र तक भेजने के लिए प्रेरित कर रही हूं।