Varanasi News: धर्म और आस्था की नगरी काशी में शुक्रवार को पूरे आस्था के साथ अक्षय तृतीय का पूजन-अर्चन चल रहा है। इससे पूर्व श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया। काशी के विभिन्न घाटों पर स्नान-दान का दौर चल रहा है। शुभ मुहूर्त से ही श्रद्धालु गंगा में स्नान करते दिखे।
अक्षय तृतीया पर शुक्रवार को अक्षय फल और भगवान लक्ष्मीनारायण की प्रसन्नता के लिए व्रत और उपवास रखे जाएंगे। इस दिन किए गए सभी कार्यों का प्रभाव अक्षय होता है। दान देने का भी विशेष महत्व है। अगर राशि के अनुसार पूजा और दान किए जाएं तो ये और भी फलदायी होता है।
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अक्षय तृतीया पर ऋतुफल फलों में तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, जल से पूरित घट, गुड़, सत्तू, छाता, पंखा, दूध व दही के साथ अन्न के अलावा आभूषण दान देने की मान्यता है। ज्योतिषविद विमल जैन ने बताया कि अक्षय तृतीया पर राशि के अनुसार पूजन-अर्चन और दान करने से प्रभु की विशेष कृपा बरसती है। इस दिन पीले रंग के परिधान और आभूषण धारण करना चाहिए। दान की वस्तुओं के साथ नकद द्रव्य भी देना चाहिए। इसमें गुप्त दान करने का विशेष महत्व है।
राशि मंत्र मंत्र जप संख्या दान
मेष ॐ अंगारकाय नमः 10,000 लाल वस्त्र, लाल चंदन, गेहूं, गुड़, तांबा, मूंगा, मसूर, लाल फूल, सोना, लाल बैल आदि।