सरकार ने दी थी 320 करोड़ के डीपीआर को मंजूरी
50 हजार वर्ग मीटर में प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए करीब तीन सौ मकान खरीद कर ध्वस्त किए जा चुके हैं। इस पर सरकार ने 300 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कॉरिडोर के निर्माण के लिए योगी सरकार ने 320 करोड़ के डीपीआर को मंजूरी दी थी, लेकिन स्वीकृत किए गए टेंडर में धनराशि बढ़कर 339 करोड़ हो गई है।
आनंद कानन में होगा रूद्र वन
विश्वनाथ कॉरिडोर में आने वालों को काशी नगरी के धार्मिक और सांस्कृतिक स्वरूप के दर्शन तो होंगे ही, आनंद कानन और रूद्र वन की परिकल्पना भी साकार होगी। इस लिहाज से कॉरिडोर एरिया में सिर्फ 60 फीसदी क्षेत्र में निर्माण होगा बाकि 40 फीसदी में वन क्षेत्र होगा। रूद्र वन में रुद्राक्ष के 350 से ज्यादा पौधे लगाए जाने की योजना है। धार्मिक और पौराणिक स्वरूप को प्रदर्शित करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। कल्चरल सेंटर, वैदिक केंद्र, टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर, सिटी म्यूजियम, जप-तप भवन, भोगशाला, मोक्ष भवन और दर्शनार्थी सुविधा केंद्र अधिकतम दो मंजिला ही बनेंगे।