पिंडरा। करखियांव स्थित यूपीएसआईडीसी द्वारा अधिग्रहीत जमीन के मुआवजे के मामले में किसानों के पक्ष में फैसला आने पर खुशी जताई गई। किसानों ने एक दूसरे को माला पहनाकर जश्न मनाया। अब यूपीएसआईडीसी को 50 करोड़ रुपये 95 किसानों को ब्याज सहित मुआवजा देना होगा।
2001 में 95 किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। कम मुआवजे को लेकर किसान कोर्ट गए थे। तहसील बार पिंडरा के पूर्व अध्यक्ष श्रीनाथ गोंड ने बताया कि हाईकोर्ट के पूर्व जज रहे और किसानों के वकील सखाराम ने किसानों की लड़ाई कोर्ट में लड़ी और फैसला आने पर किसान खुश हैं। किसान यूनियन लोकशक्ति के बैनर तले पिछले माह उक्त जमीन पर अमूल प्लांट लगाने के लिए सीमांकन के दौरान किसानों ने विरोध किया था और पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था। यूनियन के जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह ने इसे किसानों के संघर्ष की जीत बताया। वहीं किसान राजकुमार यादव, राजकुमार राजभर, मनोज राजभर, जवाहिर सरोज, प्रवीण दुबे, संतोष सरोज, लालमन, मुन्नालाल, हरिलाल, देवनाथ, रामनारायण, अच्छेलाल समेत अनेक किसानों ने इसे संघर्षों की जीत बताया और कहा कि 20 साल बाद मिला लेकिन सही मिला।