रामचरितमानस पर विवादित बयान देने वाले पूर्व मंत्री व सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की गई है। इसी सिलसिले में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन से भी मिला है। अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस से न्याय नहीं मिला तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। सपा नेता ने हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत की हैं।
अधिवक्ताओं ने पुलिस आयुक्त को ज्ञापन भी दिया। रंगिया महाल अंधरापुल निवासी व एडवोकेट अशोक कुमार ने कहा कि गत 22 जनवरी को सपा एमएलसी स्वामी प्रसाद मौर्य ने साक्षात्कार दिया था। इसमें कहा था कि रामचरितमानस को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर देना चाहिए। सपा नेता के इस बयान से सनातन हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले असंख्य लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। यह बयान आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत दंडनीय अपराध भी है, इसलिए स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
------------
हिंदू धर्म विरोधी शिलापट्ट लगाने के लिए दर्ज हो मुकदमा
वाराणसी। सनातन भारत संस्था के महासचिव राजन गुप्ता ने अपने सहयोगियों के साथ मंगलवार को अपर पुलिस आयुक्त (क्राइम व हेडक्वार्टर) संतोष कुमार सिंह से मुलाकात की है। उनका कहना है कि एक चर्च की दीवार पर हिंदू धर्म विरोधी शिलापट्ट लगे हैं। इसे लेकर कैंट थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई । लेकिन, पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और सारा मामला आश्वासन तक ही सिमट कर रह गया। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि प्रकरण संज्ञान में है। जांच कराई जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।