ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजमिया मसाजिद कमेटी के एक मात्र हिंदू वकील अभयनाथ यादव ही थे। अभी तक ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में सर्वे से लेकर पोषणीयता के बिंदु पर वही पक्ष रख रहे। चार अगस्त को जिला जज की कोर्ट में पोषणीयता बिंदु पर जवाबी बहस होनी है।
ऐसे में अब सवाल है कि कोर्ट में मुस्लिम पक्ष की ओर से जवाबी बहस कौन अधिवक्ता करेगा। अभयनाथ यादव वर्तमान में भी विभिन्न अदालतों में मूलवाद, श्रृंगार गौरी सहित करीब छह मामलों में पैरवी कर रहे थे। राखी सिंह समेत अन्य की याचिका पर सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में चल रही सुनवाई में अभयनाथ मुस्लिम पक्ष के वकील थे।
शुरुआत से ही उन्होंने अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी का पक्ष बड़ी प्रमुखता से रखा। वे मुस्लिम पक्ष से अदालत में अकेले दलीलें पेश करते रहे। उनकी कई दलीलें चर्चा में भी रहीं। ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान अभय नाथ यादव ने कोर्ट कमिश्नर की भूमिका पर सवाल खड़ा करने के साथ ही तहखाने का वीडियो वायरल होने पर भी आपत्ति जताते हुए कोर्ट से जांच की मांग की थी।
अभयनाथ यादव पिछले 35 वर्षों से वकालत कर रहे थे। इसी वर्ष 22 जून को अपनी बेटी की शादी की थी। रविवार दिन में वो अपने साथी अधिवक्ताओं से मिले थे। रविवार रात हार्ट अटैक आने पर परिजन उन्हें मकबूल आलम रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए, यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पांडेयपुर नई बस्ती निवासी दिवंगत अधिवक्ता अभयनाथ यादव के शोक संतप्त परिवार में पत्नी, दो पुत्र और तीन बेटियां हैं। सोमवार सुबह से उनके घर पर शोक जताने के लोगों का तांता लगा हुआ है।