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ध्यान दें: गंगा किनारे कूड़ा मिलने पर प्लाट मालिकों के खिलाफ होगी कार्रवाई, निर्माण की नहीं मिलेगी अनुमति

Wed, 24 Jan 2024 06:11 PM IST
प्रगति चंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गंगा किनारे के नौ वार्डों में सफाई पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में यहां खाली प्लाटों में कूड़ा मिलने पर प्लाट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश जारी किया गया है। पकड़े जाने पर कूड़ा उठाने का खर्च वसूलने के साथ खाली प्लाटों का नक्शा नहीं पास होगा।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा किनारे के नौ वार्डों के खाली प्लाटों में कूड़ा मिलने पर प्लाट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्लाट मालिकों से कूड़ा उठाने का खर्च वसूलने के साथ निर्माण की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। इस संबंध में नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने आदेश जारी कर दिया है।

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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एनपी सिंह ने बताया कि गंगा घाट किनारे के नौ वार्डों में बेहतर साफ-सफाई के लिए बीटवार जियोफेंसिंग की गई है। यहां खाली प्लाटों में कूड़ा फेंका गया तो प्लाट मालिक को नोटिस दिया जाएगा। साथ ही कूड़ा उठाने का खर्च वसूला जाएगा। इस प्लाट पर निर्माण की एनओसी भी जारी नहीं की जाएगी। नगर निगम की अनापत्ति के बाद ही निर्माण की अनुमति दी जाएगी। 

इन वार्डों के लोगों के मोबाइल नंबर काशी इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से कनेक्ट किया गया है। इन नंबरों पर प्रतिदिन फोन के जरिए साफ सफाई का फीडबैक लिया जाएगा। यदि कोई शिकायत दर्ज कराता है तो संबंधित बीट पर शिकायत तत्काल पहुंच जाएगी। यदि एक ही जगह से एक माह में तीन शिकायतें मिलीं तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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ये हैं गंगा किनारे के नौ वार्ड

राजघाट, शिवाला, बागहाड़ा, नगवां, दशाश्वमेध, बंगालीटोला, कालभैरव, बिंदुमाधव, प्रह्लाद घाट।

निगम से बगैर अनुमति भंडारा करने पर दर्ज होगा मुकदमा
वाराणसी शहर में नगर निगम की अनुमति के बगैर भंडारा करने वालों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो इन संस्थाओं और व्यक्तियों से सफाई का खर्चा भी वसूला जाएगा। 22 जनवरी को 175 जगहों पर भंडारे के बाद कूड़ा फैलने पर यह निर्णय लिया गया।

नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि बगैर अनुमति के शहर में भंडारे के नाम कई टन कूड़ा सड़क पर फेंक दिया जाता है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ रहा है। इसे देखते हुए तय किया गया है कि यदि कोई संस्था भंडारा करना चाहती है तो वह पहले नगर निगम से अनुमति लेगी। साफ-सफाई की व्यवस्था के बारे में जानकारी देगी। तभी उन्हें भंडारा करने की अनुमति दी जाएगी। बिना अनुमति के भंडारा करने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

बताया कि विगत एक माह में जगह-जगह भंडारा किया गया। इस दौरान निकलने वाले कूड़े को सड़क पर फेंक दिया गया। बीते 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह वाले दिन भंडारे के बाद 175 स्थानों पर कई क्विंटल कूड़ा फेंक दिया गया। इसे साफ कराने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को लगाया गया। आने वाले दिनों में भंडारा की अनुमति लेने वालों को साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान देना होगा।
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