अभिमन्यु सिन्हा (20) और समीर विश्वकर्मा (20)
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करीब आधे घंटे बैठने के बाद घाट पर कपड़े आदि रखकर गंगा सन्ना करने लगे। समीर के बड़े भाई आकाश ने बताया कि वो पांच बहन और आठ भाइयों में 7वें नंबर का था। वह सबका दुलरुआ था। समीर के मौत की खबर मिलने से घर में सभी का रो-रोकर के बुरा हाल है। उसने आरोप लगाया कि अगर पुलिस सही समय पर रेस्क्यू टीम बुला लेती तो मेरा भाई आज बच जाता।
तुलसी घाट पर रविवार दोपहर गंगा में डूबने से प्रयागराजी निवासी बीएससी के छात्र टिंकू कुशवाहा (18) की मौत हुई थी। वह भी अपने दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचा था। उस घटना के 24 घंटे के अंदर सोमवार सुबह दो और छात्र गंगा में डूब गए। तुलसी घाट पर पिछले छह महीने के भीतर एक दर्जन से अधिक लोग गंगा में डूब चुके हैं। डूबने वालों में सबसे ज्यादा युवा होते हैं।
घाट किनारे गहराई को लेकर कोई सांकेतिक बोर्ड और गंगा के भीतर बैरिकेडिंग नहीं होना घटना का मुख्य कारण है। तुलसीघाट के सामने गंगा की गहराई ज्यादा है। जय मां गंगा सेवा समिति के सदस्यों ने अस्सी व तुलसी घाट पर डूबने की बढ़ती घटनाओं को लेकर पीएम के संसदीय कार्यालय को पत्र लिखकर जल पुलिस की तैनाती की मांग की है। अध्यक्ष बलराम मिश्र की मांग है कि दो माह के लिए 24 घंटे जल पुलिस की तैनाती की जाए।
- बीते 13 अप्रैल को केंद्रीय विद्यालय मुगलसराय के दो छात्र अंकित यादव और दिवाकर की तुलसी घाट पर डूबने से मौत हो गई थी।
- तीन दिसंबर को बिहार निवासी कारपेंटर रंजीत शर्मा की तुलसी घाट पर गंगा में डूबने से मौत हो गई थी।
- 12 अक्टूबर को मऊ निवासी छात्र आयुष त्रिपाठी की गंगा में समा गया था।