फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 घंटे में दूसरी बार हादसा: तुलसी घाट पर गंगा में डूबने से दो युवकों की मौत, बनारस में करते थे मेडिकल परीक्षा की तैयारी

Mon, 02 May 2022 01:12 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 तुलसी घाट पर गंगा में नहाते समय सोमवार सुबह दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई। रविवार दोपहर भी स्नान के दौरान प्रयागराज निवासी छात्र डूब गया था। 
विज्ञापन
तुलसी घाट पर दो छात्र गंगा में डूबे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

वाराणसी में गंगा स्नान के दौरान डूबने की घटनाएं कम नहीं हो रही। 24 घंटे के अंदर ही ऐसे ही दो हादसों में तीन युवकों की मौत हुई है। दोनों हादसे तुलसी घाट पर ही हुए। सोमवार सुबह तुलसी घाट पर स्नान के दौरान दो छात्रों की डूबने से मौत हो गई। दोनों दुर्गाकुंड में किराए के कमरे में रहकर मेडिकल परीक्षाओं की तैयारी  करते थे।

विज्ञापन


उनकी पहचान सिंगरौली के बैढ़न वार्ड नं 42 निवासी अभिमन्यु सिन्हा (20) और भदोही के पट्टी निवासी समीर विश्वकर्मा (20) के तौर पर हुई है। सुबह करीब छह बजे नहाने पहुंचे थे। गहरे पानी में दोनों की डूबने लगे। नजारा देख घाट किनारे मौजूद लोगों ने गंगा में छलांग लगाई लेकिन तब तक दोनों गहरे पानी में समा चुके थे।

सूचना के बाद अस्सी पुलिस चौकी प्रभारी, जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवानों के साथ खोजबीन करने के लिए पहुंचे।  करीब तीन घंटे बाद शव निकाला जा सका। हादसे की सूचना के दोनों छात्रों के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उनका रो-रकर हाल बेहाल रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों छात्र साइकिल से अपने पांच दोस्तों के साथ तुलसीघाट पहुंचे।

विज्ञापन

...तो बच जाता मेरा भाई

अभिमन्यु सिन्हा (20) और समीर विश्वकर्मा (20) - फोटो : सोशल मीडिया।
करीब आधे घंटे बैठने के बाद घाट पर कपड़े आदि रखकर गंगा सन्ना करने लगे। समीर के बड़े भाई आकाश ने बताया कि वो पांच बहन और आठ भाइयों में 7वें नंबर का था। वह सबका दुलरुआ था। समीर के मौत की खबर मिलने से घर में सभी का रो-रोकर के बुरा हाल है। उसने आरोप लगाया कि अगर पुलिस सही समय पर रेस्क्यू टीम बुला लेती तो मेरा भाई आज बच जाता। 

लगातार हो रहे हादसे, जल पुलिस की तैनाती की मांग

तुलसी घाट पर रविवार दोपहर गंगा में डूबने से प्रयागराजी निवासी बीएससी के छात्र टिंकू कुशवाहा (18) की मौत हुई थी। वह भी अपने दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने पहुंचा था। उस घटना के 24 घंटे के अंदर  सोमवार सुबह दो और छात्र गंगा में डूब गए। तुलसी घाट पर पिछले छह महीने के भीतर एक दर्जन से अधिक लोग गंगा में डूब चुके हैं। डूबने वालों में सबसे ज्यादा युवा होते हैं।

घाट किनारे गहराई को लेकर कोई सांकेतिक बोर्ड और गंगा के भीतर बैरिकेडिंग नहीं होना घटना का मुख्य कारण है। तुलसीघाट के सामने गंगा की गहराई ज्यादा है।  जय मां गंगा सेवा समिति के सदस्यों ने अस्सी व तुलसी घाट पर डूबने की बढ़ती घटनाओं को लेकर पीएम के संसदीय कार्यालय को पत्र लिखकर जल पुलिस की तैनाती की मांग की है। अध्यक्ष बलराम मिश्र की मांग है कि दो माह के लिए 24 घंटे जल पुलिस की तैनाती की जाए।
विज्ञापन

तुलसी घाट पर घटनाएं

- बीते 13 अप्रैल को केंद्रीय विद्यालय मुगलसराय के दो छात्र अंकित यादव और दिवाकर की तुलसी घाट पर डूबने से मौत हो गई थी। 
- तीन दिसंबर को बिहार निवासी कारपेंटर रंजीत शर्मा की तुलसी घाट पर गंगा में डूबने से मौत हो गई थी।
- 12 अक्टूबर को मऊ निवासी छात्र आयुष त्रिपाठी की गंगा में समा गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें