वाराणसी। एडीजी जोन कार्यालय से लगभग तीन सौ मीटर दूर नदेसर क्षेत्र स्थित मिंट हाउस कॉलोनी में सोमवार की रात सपा पार्षद विजय जायसवाल के घर पर अंधाधुंध फायरिंग, उनके कर्मचारी अखिलेश मिश्र की पिटाई और उसके भाई श्रवण मिश्रा (25) की हत्या कर भाग रहे इनामी बदमाश गुड्डू मामा उर्फ राजकुमार बिंद और आबिद सिद्दीकी कुछ घंटे बाद ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। भागते समय जगतगंज में स्कूटी सवार से उनकी बाइक टकरा गई। स्कूटी सवार से विवाद के दौरान बीच सड़क भीड़ देख पुलिस मौके पर पहुंची। बदमाशों ने पुलिस पर भी असलहे तान दिए लेकिन उनकी गोलियां खत्म हो चुकी थीं। पुलिस ने तत्काल दोनों को दबोच लिया। पांच-पांच हजार के इनामी दोनों बदमाशों को वाराणसी, कानपुर, इलाहाबाद समेत कई जिलों की पुलिस लंबे समय से तलाश रही थी।
दोनों के पास से नाइन एमएम की एक और .32 बोर की दो पिस्टल बरामद हुई है। दोनोें से एसटीएफ और वाराणसी पुलिस के अलावा चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र की क्राइम ब्रांच पूछताछ में जुटी है। सपा पार्षद के घर फायरिंग को उनके वार्ड से गुड्डू मामा के पार्षद चुनाव लड़ने की तैयारी और पुरानी रंजिश से जोड़ कर देखा जा रहा है। गिरफ्त में आए गुड्डू मामा की कद काठी, दोनों हाथ से फायरिंग करने में निपुणता और नाइन एमएम की पिस्टल के उपयोग करने के कारण ठेकेदार विशाल सिंह हत्याकांड से भी उसे जोड़ कर देखा जा रहा है।
कैंट थाना क्षेत्र की मिंट हाउस कॉलोनी के विजय जायसवाल ने बताया कि सोमवार की रात करीब सवा एक बजे उनके घर के मेन गेट के समीप गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने खिड़की से देखा तो बदमाश उनका नाम लेकर ललकार रहे थे और गेट के समीप बने कमरे में सोये अंबेडकर नगर जिला के राजेसुलतानपुर निवासी कर्मचारी अखिलेश मिश्रा से अंदर घुसने के लिए कहासुनी कर रहे थे। पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच बदमाश निकल गए। थोड़ी ही देर बाद बदमाशों ने वापस आकर उनके घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की और निकल गए। इसके बाद भी पुलिस नहीं आई। फिर कुछ ही देर में बदमाशों ने तीसरी बार आकर उनके घर पर फायरिंग की। फायरिंग बंद होने के जब काफी देर तक हलचल नहीं हुई तो वो किसी तरह नीचे उतरे। देखा तो कर्मचारी अखिलेश पर असलहे की मुठिया से वार किया गया था। वहीं, उसका भाई श्रवण गोली लगने से लहूलुहान पड़ा था। सफारी के साथ ही खिड़कियों के शीशे गोली लगने से क्षतिग्रस्त हो गए थे। आधा घंटे देरी से आई पुलिस घायल श्रवण को बीएचयू ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम में श्रवण के पेट से एक गोली निकाली गई है। वारदात को अंजाम देकर भागते समय जगतगंज में दबोचे गए बदमाश गुड्डू मामा और आबिद से पुलिस पूछताछ में जुटी है। पुलिस के अनुसार नदेसर के राजाबाजार निवासी गुड्डु मामा के खिलाफ वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, इलाहाबाद और कानपुर में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, आर्म्स एक्ट के दो दर्जन से ज्यादा और चंदौली के अलीनगर के रउसा निवासी आबिद के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। विजय ने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सौंपते हुए गुड्डू और आबिद के खिलाफ कैंट थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।
पुलिस टीम पर ताने असलहे
वारदात को अंजाम देकर भागते समय जब गुड्डु मामा और आबिद की बाइक जगतगंज में स्कूटी सवार से टकराई तो वे उससे उलझ गए। वहां भीड़ लगने पर नशे में धुत दोनों बदमाशों ने असलहे लहराते हुए भागने की कोशिश की। तब तक गश्त पर निकले इंस्पेक्टर चेतगंज राजीव रंजन उपाध्याय अपनी टीम के एसआई अजय प्रताप यादव और कांस्टेबल रामानंद यादव के साथ भीड़भाड़ देख वहां पहुंच गए। बदमाशों ने पुलिस टीम पर भी असलहे ताने लेकिन उनकी गोलियां खत्म हो चुकी थीं। पुलिस ने तत्काल दोनों को दबोच लिया।
वारदात के पीछे पार्षद चुनाव की रंजिश
सपा पार्षद विजय जायसवाल का कहना है कि नगर निगम चुनाव को लेकर गुड्डू मामा और आबिद को उनकी हत्या के लिए भेजा गया था। उनकी लोकप्रियता अपराधियों को पच नहीं पा रही है और इसी वजह से उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। उधर, विजय के घर फायरिंग और कर्मचारी के भाई की हत्या की जानकारी पाकर मंगलवार को सपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव सहित भारी संख्या में सपाजन पहुंचे। सभी ने विजय की सुरक्षा के लिए डीएम और एसएसपी से मांग की।