बरसात में सांपों के डंसने की घटनाएं बढ़ी हैं। शहरों की की तुलना में गांव में ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली में सर्पदंश के ज्यादा मामले आए हैं। काशी में पिछले दस दिन में दो लोगों को सांप ने डंसा है। 8 जुलाई को मिर्जामुराद के अरका कसरायपुर गांव में खपरैल के मकान में सामान निकाल रहे लालचंद्र बिंद (70) को सांप ने डंस लिया था।
सूचना पाकर घर में पहुंचे रतन कोबरा ने देखा कि वहां सांपों का जोड़ा था। रतन ने बताया कि सांपों के जोड़ों को अलग कर दोनों को जंगल में छोड़ा गया। उधर, चौबेपुर के सिरिस्ती गांव में गीता देवी (48) को 17 जुलाई सांप ने डंस लिया। परिजन गीता को सीएचसी नरपतपुर लेकर गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। यहां पता चला कि महिला को करैत ने डंसा था।
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अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क लगता है एंटी स्नेक वैनम
जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क एंटी स्नेक वेनम लगता है। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि बारिश से पहले ही जिला, मंडलीय अस्पताल के साथ ही सभी प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरत के हिसाब से एंटी स्नेक वेनम भिजवाया गया है। यहां आने पर संबंधित व्यक्ति को निशुल्क एंटी वेनम लगवाया जा रहा है। जिले में पर्याप्त एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है।
बीएचयू में जंतु विज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर चंदना हलदर का कहना है कि पूर्वांचल में सांप की 16 प्रजातियां हैं लेकिन पूरे यूपी में सांपों की 60 प्रजातियां हैं। सांपों के ऊपरी हिस्से का देखकर उसके विषैले होने की पहचान की जा सकती है। करैत की दो-चार प्रजातियां मिलती हैं जिसको कोबरा भी बोला जाता है। विषैले सांप ने अगर फन फैलाए और उस पर कोई निशान नहीं दिखे तो साधारण कोबरा, अगर सिर पर निशान दिख जाए तो किंग कोबरा और अगर फन फैलाने पर सिर पर एक तिलक लगाने जैसा निशान दिखे तो यह भी कोबरा होता है।
रतन कोबरा का दावा- अब तक 2600 हजार सांप पकड़े
वाराणसी ही नहीं अगर आसपास के जिलों में अगर कहीं सांप निकलने की सूचना मिलती है तो मिर्जामुराद के गौर गांव में रहने वाले रतन गुप्ता तुरंत निकल पड़ते हैं। अब तक उन्होंने सबसे अधिक कोबरा सांपों को पकड़ा है। इस वजह से लोग उनको रतन कोबरा के नाम से बुलाने लगे हैं। करीब 25 साल से सांपों को पकड़ रहे हैं। रतन ने बताया कि अब तक वाराणसी के साथ ही भदोही, मिर्जापुर, चंदौली आदि इलाके में 26 हजार सांप पकड़ चुके हैं। रतन ने बताया कि कमरे में सांप है तो जल्दी पकड़ा जाता है, अगर किसी बिल या नींव में चला गया तो आठ से 10 घंटे लग जाता है। एक बार तो नींव में सांप चला गया तो 30 घंटे का समय लग गया था।
- सर्पदंश के बाद तत्काल यहां आएं, मिलेगा एंटी स्नैक वेनम
- सोनभद्र जिला अस्पताल सह मेडिकल कॉलेज
- संयुक्त अस्पताल डिबुलगंज (अनपरा)
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दुद्धी
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोन
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नगवा (वैनी)
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चतरा
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करमा
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घोरावल
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मधुपुर
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहगंज
- धनवंतरी चिकित्सालय एनटीपीसी रिहंद
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीजपुर (प्राइमरी डोज)
जौनपुर में एंटी वेनम
- जिला अस्पताल में - 700
- सभी सीएचसी पर - 50-50
- सभी पीएचसी पर - 10-10
बलिया
जिला अस्पताल सहित 36 अस्पतालों में 582 एंटी स्नेक वेनम वॉयल मौजूद है। जिला स्टॉक में 1000 हजार वॉयल है।