चाय पर चर्चा कार्यक्रम के तहत नरेंद्र मोदी शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से आमजन से मुखातिब हुए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस होने के चलते चर्चा का विषय महिला सशक्तिकरण ही था। इस बार यहां से सवाल-जवाब नहीं हुआ।
लोगों ने सिर्फ मोदी को सुना। हालांकि जिले में 11 स्थानों पर हुए इस आयोजन को पांच-छह स्थानों पर पुलिस ने चुनाव आचार संहिता का हवाला देते हुए रुकवा दिया।
एसपी सिटी राहुल राज का कहना है कि आयोजकों ने इसके लिए निर्वाचन आयोग से अनुमति नहीं ली थी। इसलिए यह कार्रवाई की गई। वहीं, भाजयुमो जिलाध्यक्ष और कार्यक्रम के वाराणसी प्रमुख संतोष द्विवेदी का कहना है कि कार्यक्रम आचार संहिता लागू होने से पहले ही घोषित था।
फिर भी छह मार्च को एडीएम प्रशासन को पत्र देकर इसके लिए अनुमति मांगी गई थी। संतोष का आरोप है कि पुलिस-प्रशासन ने यह कार्रवाई सपा नेताओं के दबाव में आकर की है।
लोगों ने देखा मोदी को लाइव
जिले में शाम छह बजे से रात आठ बजे तक कछवारोड बाजार, मिर्जामुराद बाजार, मुढै़ला तिराहा, सलारपुर कपिलधारा, रामनगर, करौंदी चौराहा, नीचीबाग, कालभैरव भीतरी चौराहा, नटिनियादाई बाजार, चेतगंज चौराहा और खोजवां बाजार के गांधी चौक पर मोदी की चाय पर चर्चा कार्यक्रम का सजीव प्रसारण होना था। हर जगह मॉनीटर आदि लगाकर तैयारियां पूरी कर ली गई थीं।
कछवारोड संवाददाता के मुताबिक चाय विक्रेता रामधनी गुप्ता के यहां चाय पर चर्चा कार्यक्रम निर्विघ्न हुआ। इसी तरह मिर्जामुराद संवाददाता के मुताबिक वहां भी मोदी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे।
हालांकि महिलाओं पर केंद्रित चर्चा सुनने के लिए महिलाओं की मौजूदगी नहीं के बराबर रही। वहीं, लोहता संवाददाता के अनुसार मुढ़ैला तिराहे पर चाय विक्रेता प्रमोद विश्वकर्मा के यहां हो रहा प्रसारण देखने के लिए तीन-चार सौ लोगों की भीड़ इकट्ठा थी। इनमें करीब डेढ़ सौ महिलाएं भी थीं।
शाम सात बजे रोकी चर्चा
वहीं रामनगर संवाददाता के मुताबिक शाम करीब साढ़े सात बजे थाने की पुलिस ने चाय विक्रेता अनूप चौरसिया के यहां चल रहे कार्यक्रम को रुकवा दिया। इसी तरह नीचीबाग, नटिनियादाई, खोजवां बाजार और चेतगंज में भी पुलिस पहुंची और प्रसारण बंद करा दिया।
कार्यक्रम प्रमुख संतोष द्विवेदी का कहना है कि चेतगंज में पुलिस ने सामान जब्त कर लिए और एक कार्यकर्ता को थाने पर बिठा लिया।
जिलाधिकारी प्रांजल यादव का कहना है कि आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर इसका उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने स्टैटिक और उड़ाका दल के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि नमो के चाय के कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराएं। साथ ही नि:शुल्क चाय पिलाने पर चुनाव आचार संहिता की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करें।