महानगर में बेखौफ बदमाशों ने शनिवार दोपहर साल की सबसे बड़ी लूट को अंजाम देते हुए रेलवे रोड पर मीट व्यापारियों से 33 लाख रुपये लूट लिए। घटना उस वक्त हुई, जब कार सवार व्यापारी बैंक से रुपये निकालकर ले जा रहे थे। तभी रेलवे रोड पर जाम का फायदा उठाकर आधा दर्जन बदमाशों ने व्यापारियों को कार से बाहर खींचकर मारपीट की और डिग्गी से रुपयों भरा बैग निकाल लिया।
अपराधियों ने एक व्यापारी के सिर में पिस्टल की बट मारकर घायल कर दिया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझते, तब तक बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले । खुर्जा मीरपुर निवासी हाजी असलम यहां अल्लाना मीट फैक्ट्री में माल सप्लाई देते हैं। उनके साथ रिश्तेदार शेख सेहबान खुर्जा निवासी सरफराज सईद व मो. आरिफ भी काम करते हैं। छोटे व्यापारियों को भुगतान करने के लिए शनिवार को हाजी असलम ने सरफराज व आरिफ को कंपनी बाग स्थित आईसीआईसीआई बैंक से रुपये निकालने के लिए भेजा था। दोनों लोग मारुति रिट्ज कार संख्या यूपी81 एआर 8060 में सवार होकर 33 लाख रुपये लेने बैंक गए।
रकम लेकर एक बैग में भरा और कार की डिग्गी में रखकर दोनों मीरूमल के रास्ते रेलवे रोड पहुंचे। रेलवे रोड से ऊपर कोट के रास्ते उन्हें मीट फैक्ट्री पहुंचना था। दोपहर करीब एक बजे गाड़ी जैसे ही फफाला के सामने पहुंची, तभी सड़क पर जाम के चलते कार काफी धीरे चल रही थी। इसी दौरान तीन-चार बाइकों पर सवार आधा दर्जन बदमाशों ने आकर कार को घेर लिया और हाथों में पिस्टल लेकर दोनों को कार से नीचे उतार लिया।
पुलिस मान रही घटना को संदिग्ध
विरोध करने पर आरिफ के सिर में बट मारी। इसके बाद आनन-फानन में डिग्गी से रुपयों का बैग लेकर मीरूमल की ओर भाग गए। बदमाशों ने जाते समय फायरिंग की। बाद में इसकी जानकारी पुलिस व परिचितों को दी गई। सूचना पर गांधीपार्क, बन्नादेवी, देहली गेट पुलिस, सीओ प्रथम व द्वितीय के अलावा एसपी सिटी आदि पहुंच गए।
घायल को इलाज के लिए भेजा गया, जबकि अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट का मुकदमा गांधीपार्क थाने में दर्ज किया गया है। डीआईजी सत्येंद्रवीर सिंह ने बताया कि घटना के खुलासे के निर्देश दिए गए हैं। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
बेशक मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों ने जांच पड़ताल की और लोगों से घटनाक्रम की जानकारी ली। मगर मौके पर गए पुलिस अधिकारी इस घटना को संदिग्ध मान रहे हैं। अधिकारियों का कहना था कि इतनी भीड़ वाले इलाके में ऐसा कैसे हो सकता है। मगर मौके पर उपस्थित लोगों ने तर्क दिए कि जाम का लाभ बदमाशों ने उठाया और पब्लिक इसे बाइक-कार टकराने का विवाद मानती रही।
कौन कर सकता ऐसी डेयरिंग लूट
इस घटना के बाद मौके पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। इस बीच कुछ लोगों ने जाम खुलवाने के उद्देश्य से पीड़ितों से कार आगे बढ़ाने के लिए कह दिया। दोनों मीट व्यापारी पहले ऊपरकोट की ओर चले गए और वहां से अपने परिचितों व पुलिस को घटना की जानकारी दी। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों गायब थे। बाद में दोनों मौके पर आए। इसे लेकर भी पुलिस सवाल उठा रही है। मगर उनका कहना था कि वह अपने एक परिचित के पास गए थे।
यह पहला मौका नहीं, जब जिले या महानगर में इस तरह की डेयरिंग लूट की घटना हुई हो। मगर सवाल है कि इस तरह की घटनाएं कौन गैंग या बदमाश कर सकता है। इस सवाल का जवाब तलाशने में रेंज स्तरीय सर्विलांस टीम लग गई है और सबसे पहले इकबाल सुमेरा गैंग के उन सदस्यों का नाम सामने आ रहा है, जो बाहर घूम रहे हैं। दूसरा मुस्ताक गोंडा पर भी पुलिस ने फोकस कर दिया है। अब देखना है कि क्या जल्द ही इस घटना का खुलासा हो पाएगा या नहीं।
वैसे तो इस घटना में कोई न कोई करीबी ऐसा जरूर प्रकाश में आएगा, जिसे जानकारी होगी कि दोनों लोग इतनी रकम लेकर आ रहे हैं। मगर अभी तक पुलिस के हाथ ऐसा कोई क्लू नहीं मिला है। फिर भी पुलिस की टीमें सक्रिय हो गई हैं। इकबाल इन दिनों जेल में है और मुस्ताक बाहर है। मगर दोनों इस तरह की लूटों के लिए माहिर रहे हैं। जिले में इस तरह की कई बड़ी लूटों को दोनों अंजाम दे चुके हैं और उनके मुखिबर भी इस तरह के व्यापारियों के बीच सक्रिय रहते हैं।
घटना को लेकर आक्रोश में हैं मीट व्यापारी
बेशक पुलिस इस लूट को संदिग्ध मान रही है। मगर मीट व्यापारियों में इस घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर इसी तरह हम लुटते रहे तो हमारा व्यापार कैसे चलेगा। इसे लेकर व्यापारियों ने ऐलान किया है कि अगर जल्द घटना का खुलाशा नही हुआ तो वो किसी भी हद तक जाकर पुलिस की शिकायत कर सकते हैं।
जिले में लूटपाट की फेहरिस्तों पर नजर डालें तो 2009 में विकास ऑटो के स्वामी से 32 लाख रुपये की लूट जिले की सबसे बड़ी लूट थी। मगर अब 33 लाख की यह लूट जिले की सबसे बड़ी लूट हो गई है। इसके अलावा जिले में 30 लाख रुपये बरौली जवां बैंक से भी दिनदहाड़े लूटे गए थे।