यूपी पुलिस की लापरवाही के कारण बिन मां-बाप के 13 साल के एक किशोर को गुंडा एक्ट में पाबंद कर दिया गया। हाथरस जिले के गांव अमरपुर घना के ग्रामीणों में इस कार्रवाई को लेकर काफी गुस्सा है। बृहस्पतिवार को काफी ग्रामीण पहले थाना हाथरस गेट एसओ से मिले और उसके बाद तहसील हाथरस पहुंचकर एसडीएम सदर के सामने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
ग्रामीणों ने इस मामले की जांच कराते हुए बच्चे पर लगाई गई गुंडा एक्ट को वापस लेने और इस कारगुजारी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
थाना हाथरस गेट क्षेत्र के गांव अमरपुर घना में पिछले दिनों पुलिस की तरफ से पिंटू उर्फ पिंटा पुत्र ओमप्रकाश के नाम-पते पर धारा 110 जी का एक नोटिस पहुंचा। मतलब, पुलिस ने इस पिंटू उर्फ पिंटा को गुंडा एक्ट में पाबंद किया था। जिस पिंटू के पते पर यह नोटिस पहुंचा, उसकी उम्र सिर्फ 13 साल है यानि वह नाबालिग है।
ऐसे में गांव वाले भी उसके नाम से गुंडा एक्ट का नोटिस देखकर दंग रह गए। ग्रामीणों की मानें तो पिंटू के मां-बाप का काफी पहले निधन हो चुका है। पिंटू हलवाई की दुकान पर काम करके अपना पेट भरता है। लिहाजा पूरा गांव पिंटू के खिलाफ हुई इस कार्रवाई पर लामबंद हो गया।
50-50 हजार रुपये जमा कराने का नोटिस
काफी ग्रामीण बृहस्पतिवार को पिंटू के खिलाफ आए नोटिस को लेकर पहले थाना हाथरस गेट पहुंचे। यहां एसओ सुरेशबाबू यादव से इसकी शिकायत की। एसओ ने उन्हें जांच का आश्वासन दिया। चूंकि इस मामले में पिंटू को 50-50 हजार रुपये जमा कराने का नोटिस एसडीएम के न्यायालय से मिला है। लिहाजा गांव वाले एसडीएम सदर मदनचंद्र दुबे से भी मिलने पहुंचे और पूरी स्थिति बताई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर पिंटू के खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस नहीं लिया गया तो वह आंदोलन करेंगे।
हाथरस गेट के थानाध्यक्ष सुरेशबाबू यादव का कहना है कि गांव में इसी नाम व बल्दियत का एक और व्यक्ति है। उसी को गुंडा एक्ट में पाबंद किया गया है और उसके नाम से नोटिस भेजा गया था, लेकिन यह शमन गलती से इस बच्चे के घर पहुंच गया। जिस व्यक्ति के नाम से नोटिस है, अब उसके ही पते पर भिजवाया जाएगा।
एसडीएम सदर मदनचंद्र दुबे ने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। अगर यह नोटिस इस बच्चे के लिए नहीं है तो इसे खारिज किया जाएगा।