नगीना लोकसभा क्षेत्र के सांसद आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में दलितों की बरात अब सुरक्षित नहीं रही है। एक समाज विशेष द्वारा जानबूझकर दलितों के मान सम्मान पर हमला बोला जा रहा है। पिछले कुछ दिनों में दलितों पर अत्याचार की बाढ़ आ गई है।
नगीना सांसद ने रविवार को अपने कैंप कार्यालय पर क्षेत्र के लोगों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों से वार्ता कर निदान कराने का प्रयास किया। इस मौके पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि योगी सरकार दलितों पर अत्याचार पर चुप्पी साधे बैठी है। मथुरा में दो बेटियों के अपमान पर योगी सरकार मात्र एक लाख की सहयोग राशि देने की घोषणा करती है। पिछले कुछ दिनों में जितनी भी घटनाएं हुई हैं। उनसे वह बहुत दुखी हैं। भारत का संविधान हर व्यक्ति को आत्म सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है। आज दलित, पीड़ितों को ही पीटा जा रहा है। न्याय के लिए कोई आवाज उठाता है तो उसकी आवाज बंद करा दी जाती है।
उन्होंने कहा कि चार मार्च को उड़ीसा के भुवनेश्वर और नौ मार्च को बिहार में रैली है। छह मार्च को पार्लियामेंट कमेटी की बैठक है। इस दौरान सांसद प्रतिनिधि विवेक सेन सहित लोकसभा क्षेत्र के काफी लोग मौजूद रहे।
ये है मामला
मुजफ्फनगर के भोकरहेड़ी से मेरठ में सरधना के ठाकुर चौबीसी के कालंदी गांव में आई बरात पर शनिवार दोपहर 10-12 युवकों ने हमला कर दिया। इसमें दूल्हा संजू, उसकी बहन मंजू और भाई गोविंद सहित आठ लोग घायल हो गए। जातीय संघर्ष की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने केस दर्ज कर तीन आरोपी सचिन उर्फ काला, छोटू उर्फ निशांत और तरुण निवासी कालंदी को गिरफ्तार कर लिया।