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UP: यूपी में चलेगा सिंचाई व जल संरक्षण के लिए अभियान, जलशक्ति मंत्री ने दिए नलकूप-चेकडैम निर्माण के निर्देश

Mon, 02 Feb 2026 08:57 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश में बेहतर सिंचाई सुविधाएं और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलेगा। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में नलकूप और चेकडैम निर्माण के निर्देश दिए।

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स्वतंत्र देव सिंह, जल शक्ति मंत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने और जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाएगी। इस अभियान के तहत जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा और भूगर्भ जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी। यह जानकारी जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने लघु सिंचाई एवं भूगर्भ जल विभाग की समीक्षा बैठक में दी।

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जलशक्ति मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत गहरे और मध्यम गहरे नलकूपों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही पुराने चेकडैमों की मरम्मत और नए चेकडैमों के निर्माण से वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया जाएगा।

बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी में कार्यों की सराहना
जलशक्ति मंत्री ने कहा कि लघु सिंचाई और भूगर्भ जल विभाग की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से बुंदेलखंड जैसे सूखाग्रस्त इलाके में भी किसानों की फसल उत्पादकता बढ़ी है। जिससे अन्नदाता किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। जल निगम ग्रामीण मुख्यालय में करीब 6 घंटे तक चली बैठक में जलशक्ति मंत्री ने हर जिले में सिंचाई और भूगर्भ जल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। साथ ही भविष्य में योजनाओं का क्रियान्वयन कैसे बेहतर बनाया जाए। इसके निर्देश भी दिए।
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बैठक में जलशक्ति मंत्री ने बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। इस मौके पर हर जिले के अधिशासी अभियंता ने जिलों में किए जा रहे कार्यों का प्रस्तुतिकरण भी दिया। बैठक में नमामि गंगे विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम ग्रामीण के एमडी डॉ राजशेखर, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभास कुमार समेत प्रदेश भर के अधिकारी मौजूद थे।



बुंदेलखंड में 1.37 लाख हेक्टेयर भूमि को मिली सिंचाई सुविधा
जलशक्ति मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड जैसे जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाएं और भूगर्भ जल संरक्षण के लिए सराहनीय काम किए गए हैं। 2017-18 से अब तक बुंदेलखंड के जल-संकटग्रस्त क्षेत्र में 1.37 लाख हेक्टेयर से अधिक अतिरिक्त सिंचाई क्षमता का सृजन किया गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के अंतर्गत 4,678 गहरे और 3,050 मध्यम गहरे नलकूपों का निर्माण किया गया है। जिससे किसानों को पूरे साल सिंचाई की सुविधा मिल रही है। पथरीले और जलविहीन क्षेत्रों में अमृत कूप योजना के तहत 3,758 नए कूपों का निर्माण किया गया। जिससे पहले असिंचित भूमि भी अब खेती योग्य बनी है। 

सिंचाई सुविधा से बढ़ी किसानों की आय
जलशक्ति मंत्री ने बताया कि बुंदेलखंड जैसे जल संकटग्रस्त क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने से खाद्यान्न उत्पादन बढ़ा है। जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। इसका असर लोगों के जीवन पर भी दिख रहा है। क्षेत्र से पलायन रूका है। किसानों को 132 सोलर पंपसेट उपलब्ध कराया गया है। 
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जल संरक्षण के लिए 868 चेकडैम का किया गया निर्माण व 476 तालाबों का किया गया जीर्णोद्धार
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बुंदेलखंड में जल संरक्षण को लेकर व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं।

  • 724 पुराने चेकडैमों की मरम्मत कर उन्हें पुनर्जीवित किया गया
  • 868 नए चेकडैमों का निर्माण
  • 476 तालाबों का जीर्णोद्धार
  • 739 सरकारी भवनों पर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना

अधिकारियों ने बताया कि जल संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों का परिणाम है कि बुंदेलखंड के 47 विकासखंड़ों में से 25 अब सुरक्षित श्रेणी में आ चुके हैं।

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