गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों (बीपीएल) की सूची में नाम न होने की वजह से गांव के जो गरीब इंदिरा आवास की सुविधा से महरूम रह जाते हैं, लोहिया ग्रामीण आवास योजना उनके लिए खास होगी। प्रदेश सरकार ने इसके आवंटन की महत्वपूर्ण शर्तों को तय कर दिया है।
लोहिया आवास इंदिरा आवासों से हटकर नजर आएंगे। ये बनने के बाद पहले ही दिन से दूधिया रोशनी से जगमग रहेंगे। दो कमरों के इन आवासों के निर्माण पर एक लाख रुपये प्रति आवास खर्च किया जाएगा। साथ ही आवास को वैकल्पिक ऊर्जा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए हर आवास सोलर लाइट से जगमग होगी। इसके लिए 15 हजार रुपये का अलग से अनुदान मिलेगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि ये दो कमरों का अच्छा आवास होगा और गांवों में रहने वाले सभी वर्ग के ऐसे परिवारों को इस आवास के लिए पात्र माना जाएगा, जिनकी वार्षिक आय 36 हजार रुपये से कम हो और बीपीएल सूची में नाम न होने की वजह से वे इंदिरा आवास योजना का लाभ नहीं पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2013-14 के बजट भाषण में इस योजना के लिए 520 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी होने की संभावना है।