यूपी में आठ जनवरी को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से अलग-अलग मामलों में 103.56 करोड़ रुपये की नकदी, 48.47 करोड़ रुपये की 17,640 किलोग्राम नशीली दवाएं और 62.13 करोड़ रुपये की 22.94 लीटर से ज्यादा शराब जब्त की गई।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव सात चरण में संपन्न हो गए हैं। अब नेता और जनता बेसब्री से दस मार्च का इंतजार कर रही है, जब चुनाव के नतीजों की घोषणा होनी है। इस बार विधानसभा चुनाव के लिए लागू आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर 2,145 एफआईआर प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज हुईं हैं।
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यूपी में आठ जनवरी को चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से अलग-अलग मामलों में 103.56 करोड़ रुपये की नकदी, 48.47 करोड़ रुपये की 17,640 किलोग्राम नशीली दवाएं और 62.13 करोड़ रुपये की 22.94 लीटर से ज्यादा शराब जब्त की गई।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने सातवें और अंतिम चरण के मतदान के बाद बताया कि प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर कुल 2,145 प्राथमिकी दर्ज की गईं हैं। उन्होंने बताया, 'राज्य भर में सीआरपीसी के प्रावधानों के तहत 32.99 लाख लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। प्रदेश में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए विभिन्न धाराओं के तहत 2,145 प्राथमिकी दर्ज की गईं, जिनमें से 49 को 7 मार्च को विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया।'
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10,233 हथियार किए गए जब्त
अधिकारी ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के पालन के लिए अब तक सार्वजनिक और निजी स्थानों से कुल 1.38 करोड़ की प्रचार सामग्री हटाई गई। इनमें दीवार लेखन, बैनर और पर्चे शामिल रहे। अब तक 8.96 लाख लाइसेंसी हथियार जमा किए गए हैं। 2,080 लाइसेंस रद्द किए गए हैं, जबकि 631 लाइसेंस जब्त किए गए हैं। इसके अलावा 10,233 हथियार, 10,582 कारतूस, 232 विस्फोटक और 336 बम जब्त किए गए। जबकि, अवैध निर्माण करने वाली 186 फैक्ट्रियां जब्त की गईं।