गुजरात की तरह दिल्ली में भी बदलाव
पार्टी नेता के मुताबिक, आम आदमी पार्टी को गुजरात में जो सफलता मिली है, उसके पीछे भी श्रमिकों के बीच पार्टी की इसी छवि ने काम किया है। गुजरात की सरकार श्रमिकों की जिम्मेदारी उठाने से बच रही थी, लेकिन उसी बीच लोगों ने देखा कि दिल्ली सरकार अपने श्रमिकों को न केवल तैयार भोजन उपलब्ध करा रही थी, बल्कि पूरे परिवार के लिए राशन दिया जा रहा था। योजना का लाभ उन गरीब लोगों तक को मिल रहा था, जिनके पास कागज नाम की कोई चीज नहीं थी। आप नेता ने कहा कि श्रमिकों के बीच यही सोच गुजरात में बदलाव का कारण बन रही है और अब वही श्रमिक उत्तर प्रदेश में बदलाव का कारण बनेंगे।
इसके एक दिन पहले आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने पार्टी के 100 संभावित प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की थी। उन्होंने कहा था कि इन नेताओं को एक-एक विधानसभा में बेहतर प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसका काम बेहतर पाया जाएगा, उसे उस विधानसभा क्षेत्र से आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया जाएगा। टिकट वितरण में पार्टी ने बाह्मण, ठाकुर, दलित और मुस्लिम समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है।
पार्टी की उम्मीद है कि पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसे विशेष सफलता मिल सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण इस क्षेत्र के निवासियों के बीच आम आदमी पार्टी की विशेष लोकप्रियता है। विशेषकर दिल्ली से जुड़े उत्तर प्रदेश के मतदाताओं ने राजधानी में रोजगार के लिए रहकर आम आदमी पार्टी की योजनाओं का लाभ उठाया है।