उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद के सिविल लाइंस में शनिवार को फिर दबंगई की हद देखने को मिली। हनुमान मंदिर चौराहे पर कारों से काली फिल्म निकाली जा रही थी। एक युवक वैगन आर लेकर पहुंचा तो पुलिसवालों ने उसे रोकने की कोशिश की।
युवक गुंडई दिखाते हुए पुलिसवालों को टक्कर मारते हुए कार लेकर भागा। एक हेड कांस्टेबिल ने कार के शीशे में हाथ फंसा दिया तो युवक ने कार की स्पीड बढ़ा दी।
सिपाही करीब डेढ़ सौ मीटर तक कार के साथ घिसटता चला गया। घटना से हंगामा मच गया। फोर्स ने कार का पीछा कर पकड़ लिया। सिपाही गंभीर रूप से जख्मी है।
सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर चौराहे पर शनिवार शाम लाल-नीली बत्ती और काली फिल्म लगी गाड़ियों की चेकिंग चल रही थी। ट्रैफिक पुलिस के दरोगा और सिपाही गाड़ियों की चेकिंग में लगे थे।
उसी समय एक काली फिल्म लगी वैगनआर आती दिखी तो पुलिसवालों ने उसे रोकने की कोशिश की। कार चालक सिपाहियों को टक्कर मारते हुए भागने लगा।
ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबिल रामराज सिंह यादव ने कार की खिड़की में हाथ डालकर गाड़ी रोकने की कोशिश की तो युवक ने कार का शीशा बंद कर दिया। हेड कांस्टेबिल रामराज का हाथ कार के शीशे में फंस गया।
कार चालक तेजी से गाड़ी भगाने लगा। रामराज कार के शीशे में फंसकर घिसटने लगे। हादसा देखकर वहां मौजूद सिपाहियों के हाथ पांव फूल गए। वे तेजी से चीखते हुए कार के पीछे दौड़े तब तक कार चालक लोहिया चौराहा पार कर बस अड्डे की ओर बढ़ गया था।
बस अड्डे के पास भीड़ की वजह से कार की रफ्तार धीमी हुई तब तक सिपाहियों ने दौड़कर कार रोक ली और चालक को पकड़ लिया। करीब डेढ़ सौ मीटर दूर घिसटने के कारण रामराम को गंभीर चोटें आईं थीं। युवक की वहीं जमकर पिटाई की गई।
उसे पकड़कर थाने ले जाया गया। सिपाही को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पकड़ा गया युवक आलोक पांडेय डेरवा थाना कैफगंज जिला भदोही का रहने वाला है। वह बीए का छात्र है। उसके पिता धनंजय दत्त पांडेय बैंक में मैनेजर हैं।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अमरनाथ यादव के मुताबिक, युवक ने शराब पी रखी थी। उसके खिलाफ धारा 307, 332, 353 और 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।