मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र में संगठन को चाक-चौबंद करने की मुहिम पर निकलीं प्रियंका वाड्रा मंगलवार को पूरी तरह से चुनावी मूड में दिखीं।
कार्यकर्ताओं से दो-टूक कहा कि इस बार यहां लोकसभा चुनाव सोनिया गांधी नहीं, वरन संगठन लड़ेगा। चुनाव के लिए कमर कसने की बात कहते हुए आम जनता को केंद्रीय योजनाओं की जानकारी देने की बात भी कही। प्रियंका के सामने कार्यकर्ताओं ने महंगाई का मुद्दा उठाया तो उन्हें यह कहते हुए शांत कराया कि सब जल्द ठीक हो जाएगा।
अपने दो दिवसीय रायबरेली दौरे के अंतिम दिन मंगलवार सुबह अचानक लोकसभा क्षेत्र प्रभारी प्रियंका अपने भाई राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र के सलोन कस्बे पहुंच गईं। यहां बैठक में उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में जान फूंकीं।
भुएमऊ में जिले के हर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामसभा अध्यक्ष, न्याय पंचायत और ब्लॉक अध्यक्षों के साथ बैठक करके उनसे संगठन के बारे में सवाल-जवाब किए।
करीब छह घंटे तक चली बैठक में प्रियंका ने पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से जानने का प्रयास किया कि रायबरेली में संगठन में जो बदलाव किया गया है, उससे पार्टी जमीनी स्तर पर कितना मजबूत हुई।
प्रियंका ने कहा कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर हमें अभी से एकजुट हो जाना है। जिसे जो जिम्मेदारी दी गई है, वह वही काम करे। शाम चार बजे प्रियंका दिल्ली के लिए निकल गईं।
यूपी संगठन में बदलाव के संकेत दे गईं प्रियंका
प्रियंका वाड्रा ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान रायबरेली के संगठन में हुए परिवर्तन के परिणाम अच्छे बताते हुए साफ संकेत दिया कि इसी तरह का बदलाव प्रदेश संगठन में भी हो सकता है।
भुएमऊ गेस्ट हाउस में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से दो टूक कहा कि रायबरेली के संगठन में परिवर्तन हुआ है, जिससे मुझे खुशी है।
कुछ इसी तरह यूपी के संगठन में बदलाव लाया जाएगा, ताकि प्रदेश में कांग्रेस की खोई हुई प्रतिष्ठा वापस आ सके। लोकसभा चुनाव में यूपी का अहम रोल है और संगठन की ताकत ही यूपी में बदलाव लाएगी।