शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 : चुनावी मुद्दों पर बात करते हुए महिलाएं।
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लॉयंस क्लब की काजल खन्ना ने कहा कि शाहजहांपुर दो नदियों के बीच में है। इस कारण यहां की सड़कों को ज्यादा चौड़ा नहीं किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने पहले के मुकाबले काफी बेहतर सड़कें कर दी हैं। अब आम लोगों की जिम्मेदारी बनती है कि वह सड़कों से अतिक्रमण हटाएं। सड़कों पर ही बेतरबी से गाड़ियां न खड़ी की जाएं। प्रशासन को भी इसपर ध्यान देना होगा।
मोनिका ने कहा कि ये शहीदों की नगरी है। यहां अतिक्रमण और जाम की समस्या है। ये खत्म होना चाहिए। सड़कें बन रही हैं और चौड़ी भी हो रही हैं। पहले के मुकाबले ज्यादा काम हो रहा है। स्कूल कोआर्डिनेटर मंतिशा ने कहा कि शाहजहांपुर अब महानगर बन रहा है। यहां तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। कमियां भी हैं, लेकिन पहले से सुधार हुआ है।
शिक्षिका अनाया ने बताया कि वह 8-9 साल पहले मुंबई से यहां शिफ्ट हुई थीं। तब बहुत सी कमियां थी। अब काफी विकास हो रहा है। हालांकि अभी भी सड़कें और स्वच्छता को लेकर काम होना चाहिए।
यूट्यूबर नुपूर गुप्ता ने कहा कि मुझे शूट के लिए बाहर जाना पड़ता है। सड़कों पर पशुओं की समस्या भी है। इसी के चलते ट्रैफिक समस्या है। गरीबों के लिए आवास योजना हमारे शहर में नहीं है। यहां भी ये योजना लागू करना चाहिए।
एक अन्य महिला ने महंगाई का मुद्दा उठाया। कहा कि महंगाई काफी बढ़ गई है। महिलाओं का किचन से ज्यादा ताल्लुक होता है। सब्जी, तेल व अन्य खाद्य पदार्थ काफी महंगे हो गए हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम भी लगातार बढ़ रहे हैं। मध्यमवर्गीय इंसान अच्छे से जीवनयापन नहीं कर पा रहा है।
शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 : चुनाव पर चर्चा करते हुए महिलाएं।
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शिक्षिका साक्षी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था पहले के मुकाबले काफी बेहतर हुई है। यहां बेटियां सुरक्षित हैं। अब रात को भी महिलाएं, बेटियां आसानी से बाहर निकल रही हैं। रचना सिंह ने कहा कि महिला सुरक्षा के मामले में काफी हद तक काम हुआ है। हालांकि अभी भी कुछ घटनाएं होती हैं। पहले के मुकाबले बेहतर है, लेकिन जो कमियां है उसे सुधारने की जरूरत है।
शिल्पी गुप्ता ने कहा कि पहले रात में घर से निकलने में डर लगता था। चेन स्नेचिंग, छिनैती होती थी। अब डर नहीं लगता था। पहले जंगलराज था। अब काफी हद तक सुरक्षित महसूस करते हैं। रसकीन ने कहा कि रात 9 बजे के बाद घर से निकलने में थोड़ी दिक्कत होती है। जब कोई साथ होता है तभी घर से निकल सकते हैं। गुंजा सिंह ने कहा कि शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। साफ-सफाई थोड़ी बेहतर होनी चाहिए।
शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022 : चुनावी मुद्दों पर बात करते हुए महिलाएं।
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शिक्षिका जोया ने कहा कि शाहजहांपुर में रोजगार की कमी है। रोड और गंदगी की समस्या भी है। रसकीन ने कहा कि यहां औद्योगिक कंपनियां नहीं है। युवाओं को रोजगार के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता है। खुशी ने कहा कि यहां विश्वविद्यालय की कमी है। उच्च शिक्षा की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए।
शैल सक्सेना ने कहा कि पहले के मुकाबले काफी विकास कार्य हुआ है, हालांकि अभी कमियां भी बहुत हैं। रेल कनेक्टिविटी की कमी है। मुंबई या किसी बड़े शहर में जाने के लिए यहां से ट्रेन नहीं मिलती है। इसके लिए बरेली जाना पड़ता है। विकास काफी हुआ है, लेकिन अभी उतना नहीं हुआ है जितनी उम्मीदें थी।
डॉ. नमिता सिंह ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर बहुत काम करने की जरूरत है। जिला अस्पताल में ही महिला चिकित्सालय है। महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था होनी चाहिए। महिलाओं के लिए अलग से एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। मेडिकल की सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है।