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UP Election 2022 : रामपुर की मुस्लिम महिलाओं ने योगी सरकार के लिए बड़ी बातें कहीं, चुनावी मुद्दे भी बताए

Sat, 13 Nov 2021 02:56 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर

सार

रामपुर में चाय पर चर्चा और युवाओं की बात सुनने के बाद 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' महिलाओं के बीच पहुंचा। यहां महिलाओं ने खुलकर आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। बताया कि इस बार किन मुद्दों पर रामपुर की महिलाएं वोट करेंगी। 
 
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चुनावी चर्चा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रामपुर के पांच विधानसभा क्षेत्रों में कुल 16.47 लाख वोटर्स हैं। इनमें 7.57 लाख से ज्यादा संख्या महिलाओं की है। मतलब करीब आधी आबादी महिलाओं की है, लेकिन जब प्रतिनिधत्व की बारी आती है तो पांचों विधानसभा क्षेत्र में केवल एक महिला विधायक हैं। 
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ऐसे में इस बार रामपुर की महिलाएं चुनाव को क्या लेकर सोच रहीं हैं? क्या महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस करती हैं? पिछले साढ़े चार साल की योगी सरकार में महिलाओं को कितना रोजगार मिला? क्या महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से खुश हैं या अब उनका विकल्प तलाशने लगी हैं ? महिलाओं के कौन से मुद्दे हैं, जहां अभी तक सरकार की नजर नहीं गई है? किन मुद्दों पर सरकार को काम करने की जरूरत है? 

UP Election 2022 : रामपुर की मुस्लिम महिलाओं ने योगी सरकार के लिए बड़ी बातें कहीं, चुनावी मुद्दे भी बताए



इस सवालों का जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' रामपुर के रोशन बाग पार्क पहुंचा। यहां बड़ी संख्या में जुटी महिलाओं ने खुलकर अपनी बातें रखीं। इस क्षेत्र को सपा के सांसद आजम खान का गढ़ माना जाता है। पढ़िए महिलाओं ने क्या कहा?
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मुस्लिम महिलाओं ने क्या कहा?

चुनाव पर चर्चा करने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं। - फोटो : अमर उजाला
'सत्ता का संग्राम' कार्यक्रम में चर्चा के दौरान महिलाओं के सुरक्षा का मुद्दा उठा। शबाना ने कहा कि पहले महिलाओं को घर से बाहर निकलने की ज्यादा आजादी नहीं थी। अब खुलकर महिलाएं बाहर निकल सकती हैं। तरन्नुम ने कहा कि मुस्लिम बेटियों की शिक्षा व्यवस्था भी पहले के मुकाबले काफी बेहतर हुई है। बेटियों को अब पढ़ाई का अच्छा मौका मिल रहा है। पहले मुस्लिम बेटियां घर से नहीं निकल पाती थी। अंजली ने कहा कि अब महिलाएं काफी सुरक्षित महसूस करती हैं। बेबी तरन्नुम ने कहा कि अब मुस्लिम महिलाओं को भी घर से बाहर निकलने में डर नहीं लगता है। 

सुरक्षा व्यवस्था ठीक हुई, लेकिन पूरी तरह से नहीं
श्वेता शर्मा ने कहा कि उन्होंने माता-पिता और दादी से सुना था कि रामपुर में महिलाएं बाहर नहीं निकल पाती थी। आज रामपुर में कोई भी महिला रात में 12 बजे भी निकल सकती हैं। मुस्लिम महिलाएं भी आजादी से बाहर निकल सकती हैं। कंचन ने कहा कि पहले के मुकाबले सुरक्षा व्यवस्था काफी बेहतर हुई है। पहले महिलाएं और बेटियां घर से अकेले नहीं निकल पाती थी। अब रात 12 बजे भी आसानी से लोग निकल सकते हैं। 

प्रतिभा अग्रवाल ने कहा कि पहले छिनैती, लूट का डर था। अब महिलाएं बेखौफ रहती हैं। नीना ने कहा कि महिलाएं अब पूरी तरह सुरक्षित हैं। प्रशासन मजबूत हो गया है। एक कॉल करने पर 10 मिनट में पूरी प्रशासनिक टीम पहुंच जाती है। बीना अग्रवाल ने कहा पहले कॉलेजों के सामने लड़के खड़े होते थे। बेटियों से छेड़खानी होती थी। अब नहीं होती है। बेटियां पहले के मुकाबले काफी सुरक्षित हैं। 

मधु अग्रवाल ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है, लेकिन इसमें और ध्यान देने की जरूरत है। चेन स्नेचिंग, छिनैती जैसी घटनाएं अभी भी हो रहीं है। शालिनी चावला ने भी सुरक्षा का मुद्दा उठाया। कहा मेरे डेढ़ साल के बेटे को बदमाश घर के बाहर से ही उठा ले गए थे। हालांकि पुलिस ने 15 मिनट के अंदर ही उन्हें पकड़ भी लिया। नीतू ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है, लेकिन इसमें सुधार की जरूरत है। अभी भी छिनैती और चोरी की घटनाएं हो रही हैं। 

गंदगी से महिलाएं परेशान 

बीना अग्रवाल ने कहा कि शहर में कहीं भी पिंक टॉयलेट की सुविधा नहीं है। प्रमुख मार्केट में महिलाओं के लिए सुलभ शौचालय की व्यवस्था भी होनी चाहिए। कार्यक्रम में शामिल ज्यादातर महिलाओं ने साफ-सफाई का मुद्दा उठाया। कहा कि पहले से थोड़ा बेहतर है, लेकिन अभी भी रामपुर में काफी गंदगी है। पहले सफाई कर्मचारी नहीं आते थे, अब आने लगे हैं। हालांकि, वो कूड़ा एक जगह से उठाकर दूसरी जगह फेंक देते हैं। शहर में डंपिंग की समस्या है। 

अनीता शुक्ला ने कहा कि स्वच्छता पहले से बेहतर है, लेकिन ज्यादा नहीं है। गली से कूड़ा उठाकर सफाई कर्मचारी नुक्कड़ पर डाल देते हैं। इसपर फोकस करना चाहिए। नीरज दीक्षित ने कहा कि पहले बहुत ज्यादा गंदगी होती थी। अब काफी अच्छा काम हुआ है। काफी साफ-सफाई हुई है। शालू गुप्ता ने कहा कि पहले के मुकाबले अभी सफाई की स्थिति बेहतर हुई है, लेकिन ज्यादा नहीं। पूनम अरोड़ा ने कहा कि पहले सफाई कर्मचारी नहीं आते थे। अब सभी जगह आते हैं। 

सुमन गुप्ता ने कहा कि शहर में कूड़ा के डंपिंग की समस्या है। लेकिन सफाई को लेकर आम नागरिकों को भी कर्तव्य निभाना चाहिए। हर चीज सरकार पर नहीं छोड़नी चाहिए। लोग खुद जागरूक रहेंगे और गंदगी नहीं करेंगे तो काफी बदलाव आएगा। 
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रोजगार और महंगाई का भी उठा मुद्दा

चुनावी चर्चा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की। - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में शामिल ज्यादातर महिलाओं ने रोजगार और महंगाई का मुद्दा उठाया। कहा कि रामपुर में महिलाओं के रोजगार और स्वरोजगार की व्यवस्था होनी चाहिए। अनीता शुक्ला ने कहा कि रामपुर में फैक्ट्री होनी चाहिए, ताकि यहां की महिलाएं आसानी से रोजगार हासिल कर सकें। श्वेता शर्मा ने कहा कि जिले में स्वच्छता और रोजगार की दिशा में सरकार को काम करना चाहिए। 

ऋतु ने अपने कॉलोनी के पास जुआं-सट्टा की समस्या बताई। कहा कि बहुत सारे लड़के कॉलोनी के पास जुआ-सट्टा खेलते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है। ऋतु ने महंगाई का मुद्दा भी उठाया। कहा कि गैस-सिलेंडर काफी महंगा हो गया है। इससे गरीब वर्ग परेशान है। सोनम गुप्ता ने कहा पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस बहुत ज्यादा महंगा है। सरकार को इसे कम करने की दिशा में काम करना चाहिए। 

हालांकि, जब महिलाओं से पूछा गया कि क्या वो महंगाई को देखते हुए चुनाव में वोट करेंगी तो ज्यादातर महिलाओं ने इंकार कर दिया। कहा कि महंगाई से लोग परेशान हैं, लेकिन सरकार के अच्छे कामों को देखते हुए ही वोट करेंगे। सरकार गरीबों के लिए अच्छा काम कर रही है। ये कोई और नहीं कर सकता है। 
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