Baghpat News: मिल के विस्तारीकरण के लिए कैबिनेट से तीन अरब 72 करोड़ 49 लाख रुपये का प्रस्ताव मंजूर हुआ है। इसमें प्रदेश सरकार 50 फीसदी का भुगतान करेगी। फिलहाल मिल की क्षमता 22 हजार है।
बागपत शुगर मिल के विस्तारीकरण के लिए 66 साल बाद कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। सोमवार को तीन अरब 72 करोड़ 49 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव भी पास कर दिया गया। इसमें 50 फीसदी प्रदेश सरकार देगी तो 50 फीसदी का बैंक से लोन लेना होगा। इसके बाद मिल की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन से बढ़कर 50 हजार क्विंटल हो जाएगी, जिससे 40 हजार किसानों को फायदा मिलेगा।
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बागपत कोऑपरेटिव शुगर मिल का निर्माण वर्ष 1960 में कराया गया था। मिल की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल में 22 हजार किसानों के गन्ने की पेराई की जाती है। मिल काफी पुरानी होने के कारण क्षेत्र के कुछ केंद्रों को रमाला शुगर मिल को आवंटित करना पड़ता है, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।
किसान काफी समय से मिल के विस्तारीकरण कराने की मांग कर रहे थे। इसके लिए रालोद सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान व भाजपा विधायक योगेश धामा ने कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वार्ता की थी और गन्ना मंत्री भी इस सत्र में यहां आकर जल्द मिल के विस्तारीकरण की घोषणा करके गए थे।
अब सोमवार को कैबिनेट में मिल के विस्तारीकरण को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए तीन अरब 72 करोड़ 49 लाख रुपये का बजट मंजूर हो गया है। विस्तारीकरण का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। इससे मिल की पेराई क्षमता बढ़ जाएगी और मिल के केंद्रों को दूसरे मिल को आवंटित नहीं करना पड़ेगा।
50 हजार क्विंटल प्रतिदिन हो जाएगी मिल की पेराई क्षमता
मिल की एक दिन की पेराई क्षमता 25 हजार क्विंटल प्रतिदिन है। मिल का विस्तार होने पर पेराई क्षमता 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन हो जाएगी। मिल से जुड़े किसानों की संख्या अभी 22 हजार है और इसकी क्षमता दोगुनी होने पर क्षेत्र के सभी 40 हजार किसान इससे जोड़ दिए जाएंगे। इससे किसानों को काफी लाभ होगा।
ये बोले सांसद
बागपत चीनी मिल के विस्तारीकरण करने के लिए कई बार मुख्यमंत्री व गन्ना मंत्री से वार्ता की गई थी और उनको पत्र दिया गया था। कुछ महीने पहले बागपत मिल में पहुंचे गन्ना मंत्री ने भी विस्तारीकरण करने का आश्वासन दिया था। मिल का विस्तारीकरण होना क्षेत्र के किसानों के लिए काफी अच्छा है। इसका किसानों को बड़ा फायदा मिलेगा। - योगेश धामा, विधायक भाजपा
- क्षेत्र के किसानों के लिए मिल का विस्तारीकरण होना जरूरी था, क्योंकि मिल काफी पुरानी होने के कारण किसानों को सत्र के आखिर में गन्ना अन्य जगह डालने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। क्षेत्र के किसान भी काफी दिनों से मांग करते आ रहे थे। इसके लिए मुख्यमंत्री से कई बार बातचीत की और उनसे विस्तारीकरण जल्द कराने का आग्रह किया गया। अब मिल का विस्तारीकरण होने से किसानों की समस्या का निस्तारण होगा और मिल में पेराई के दौरान परेशानी भी नहीं होगी। - डॉ. राजकुमार सांगवान, सांसद रालोद