विवेचना तत्कालीन निलंबित दरोगा केपी सिंह ने की थी। सीबीआई ने जांच में विवेचक को भी दोषी माना था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उन्हें भी तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।
सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को हत्या के प्रयास के मुकदमे में दिल्ली पुलिस कड़ी सुरक्षा में मंगलवार को पेशी पर तिहाड़ जेल से उन्नाव न्यायालय लेकर पहुंची।
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आरोपी चाचा के साथ उस समय मामले के विवेचक रहे (पीड़िता के पिता की हत्या में सजायाफ्ता) दरोगा को भी तिहाड़ जेल से पेशी पर लाया गया। अपर सत्र न्यायाधीश छह के न्यायालय में दोनों को पेश किया। दोनों के बयान हुए।
मुकदमे में बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की। अगली पेशी की तारीख एक अक्तूबर तय की गई है। दुष्कर्म पीड़िता के आरोपी चाचा व एक अज्ञात पर 30 अक्टूबर 2017 को विनोद कुमार मिश्रा ने माखी थाने में 307 (हत्या के प्रयास), 465 (कूटरचना), 504 (गाली-गलौज) व 506 (जान से मारने की धमकी) के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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विवेचना तत्कालीन निलंबित दरोगा केपी सिंह ने की थी। सीबीआई ने जांच में विवेचक को भी दोषी माना था। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उन्हें भी तिहाड़ जेल भेज दिया गया था।