गंजमुरादाबाद। यदि गांवों व खेतों में छुट्टा जानवर विचरण करते मिले या खेतों में पराली जलाई गई तो प्रधान, सचिव, बीडीओ और एसडीएम के साथ कृषि विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। डीएम ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
नगर व ग्रामीण इलाकों में खेतों से लेकर बस्ती और लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर छुट्टा जानवरों की धमाचौकड़ी होती रहती है। इसके अलावा खेतों में फसलों के अवशेष (पराली) जलाने की घटनाएं भी कम नहीं हो रही हैं। जिलाधिकारी ने अब इन मामलों में रुख सख्त कर लिया है। उन्होंने जारी किए आदेश में कहा है कि यदि किसी भी गांव व खेत में छुट्टा जानवर घूमते दिखे या फिर किसी भी खेत में पराली जलाई गई तो प्रधान, पंचायत सचिव, कृषि, बीडीओ और एसडीएम को जवाब देना होगा। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
राजकीय कृषि बीज भंडार कार्यालय प्रभारी देवी सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर पराली न जलाने के लिए गांवों में लोगों को जागरूक किया जाए। साथ ही छुट्टा जानवरों के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।