जिले में अपर मुख्य सचिव के निजी सचिव प्रकरण के बाद एसपी ने सभी मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इससे अब मारपीट समेत अन्य मामलों में एनसीआर दर्ज कर थाना पुलिस अपनी बला टालने की कोशिश नहीं कर पाएगी। माना जा रहा है कि यह आदेश प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी नजीर बन सकता है।
अभी तक दो पक्षों में मारपीट की घटनाओं में पीड़ित के तहरीर देने पर पुलिस इसे असंज्ञेय अपराध मानकर एनसीआर (नॉन कॉग्निजबेल) दर्ज कर आरोपी पक्ष के साथ पीड़ित का भी शांतिभंग में चालान कर देती थी। एसडीएम न्यायालय से उसी दिन जमानत मिलने व कड़ी कार्रवाई न होने से मारपीट करने वाला आरोपी पीड़ित पर रौब गांठता था। निजी सचिव विशंभर प्रकरण के बाद एसपी अविनाश पांडेय ने जिले सभी थानों में एनसीआर दर्ज करने पर तत्काल रोक लगा सभी मामलों में एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) दर्ज किए जाने के आदेश दिए हैं। इससे कई वर्षों तक आरोपी को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
धाराएं बढ़ाने में बरती जाती है सुस्ती
अभी तक पुलिस एनसीआर दर्ज कर पीड़ित का मेडिकल कराती थी। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट की पुष्टि होने पर विवेचना और आरोप पत्र दाखिल करने से बचने के लिए पुलिस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एनसीआर को रिपोर्ट में तरमीम करने के लिए पीड़ित को महीनों टरकाती थी। इससे पीड़ित को समय पर इंसाफ नहीं मिल पाता था।
निजी सचिव प्रकरण में की थी मनमानी
निजी सचिव विशंभर के भांजे की तहरीर पर पुलिस ने विपक्षियों के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर पीड़ित का मेडिकल कराया। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट की पुष्टि होने के बाद भी कई महीनों तक पुलिस ने एनसीआर को एफआईआर में तरमीम नहीं किया। मामला पकड़ में आया तो एसपी ने औरास के प्रभारी निरीक्षक हरप्रसाद अहिरवार व विवेचक तमीजुद्दीन को निलंबित कर दिया था।
एनसीआर में लगती यह धाराएं
अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि एनसीआर में धारा 323, (मारपीट), 504 गाली (गलौज), 427 (नुकसान पहुंचाना) 498 (अपनी मर्जी से विवाहित महिला के भाग जाने) समेत कुछ अन्य धाराएं आती हैं।
प्रदेश में धारा 506 (जान से मारने की धमकी) को संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखा गया है। मारपीट के मामलों में पीड़ित अक्सर जान से मारने की धमकी का शिकायती पत्र देता है। पहले इसे एनसीआर में दर्ज कर पुलिस बला टाल लेती थी। धारा 506 लगने से पुलिस को अन्य मुकदमों की तरह इसमें भी विवेचना कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करेगी।
-अविनाश पांडेय, एसपी