उन्नाव। यातायात पुलिस ने लोगों लगातार तीस दिनों तक लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करती रही। उल्लंघन करने वालों पर सजा के तौर पर जुर्माना और चालान भी किया, लेकिन लोग फिर भी नियमों का सबक नहीं सीख पाए।
यातायात पुलिस ने नवंबर माह को यातायात माह के रूप में मनाया। स्कूल-कॉलेजों में जाकर छात्रों को यातायात नियमों के पालन के फायदे समझाए। सड़क पर आरजकता फैलाने वाले टेंपो, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के बीच जाकर उन्हें यातायात नियमों का महत्व समझाया। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों को जागरूक करने के लिए गांधी गिरी करते हुए कभी फूल दिए तो कभी हेलमेट पहनाए। लोगों को गलत जगह पर वाहन पार्किंग से लोगों को होने वाली असुविधा भी समझाई लेकिन वाहन चालक शायद कोई सबग नहीं सीख पाए। यह हाल तब है जब यातायात माह के 30 दिनों में पुलिस ने 6387 वाहनों का चालान करते हुए 78,86,500 रुपये शमन शुल्क लगाते हुए 4,50,600 रुपये का शमन शुल्क जमा भी कराया। वहीं बिना हेलमेट बाइक चलाने पर 3961 और बिना सीट बेल्ट कार चलाते मिलने पर 436 वाहनों का चालान किया।
यातायात माह का समापन, प्रतिभागियों को एसपी ने किया सम्मानित
उन्नाव। पुलिस लाइन में यातायात माह का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। छात्रों के बीच क्विज प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को एसपी ने पुरस्कृत भी किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया।
इस मौके पर एसपी सिद्धार्थ शंकर मीना ने कहा कि आज बड़ों से ज्यादा युवाओं को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। कहा कि जागरूकता से ही सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है। इस दौरान क्विज प्रतियोगिता भी हुई। जिसमें किंग्सन इंटर कॉलेज के शुभेंद्र ने पहला, सनडीसन इंटर कॉलेज की किरन ने दूसरा और पैट्रियाट इंटर कॉलेज के छात्र आर्यन ने तीसरा स्थान हासिल किया। निबंध प्रतियोगिता में पैट्रियाट इंटर कॉलेज की काव्या तिवारी ने पहला, किंग्सन इंटर कॉलेज की इकरा फातिमा ने दूसरा और सनडीसन इंटर कॉलेज की छात्रा हत्सा यूसुफ ने तीसरा स्थान हासिल किया। पेंटिंग प्रतियोगिता में रिया चौरसिया ने पहला, उर्वशी ने दूसरा और आयशा शईद अंसारी ने तीसरा स्थान हासिल किया। एसपी ने विजेताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में सहयोग करने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन चौधरी, परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव, डॉ. रचना सिंह, प्रतिसार निरीक्षक अब्दुल रशीद और उपनिरीक्षक भगत सिंह को प्रशस्ति पत्र और स्कूलों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।