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जमीन अधिग्रहीत पर मुआवजा नहीं

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बांगरमऊ। मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे के लिए तहसील क्षेत्र के 11 गांवों के काश्तकारों की चिह्नित भूमि प्रशासन अधिग्रहित कर चुका है लेकिन एक गांव के कई किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है। किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मुआवजे की मांग की।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज के बीच बनेगा। इसकी कुल लंबाई 594 किमी की होगी। इसकी ऊंचाई 8 से 10 मीटर होगी। जबकि इसकी चौड़ाई 130 मीटर तक होगी। गंगा एक्सप्रेसवे जिले में सबसे लंबा 105 किमी का होगा। इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जमीन के अधिग्रहण
का काम तेजी के साथ चल रहा है। प्रशासन ने बांगरमऊ तहसील के 11 गांवों के काश्तकारों की जमीन अधिग्रहीत की है। इन गांवों में एक गांव तमुरिया बुजुर्ग भी शामिल है लेकिन इस गांव के अधिकांश किसानों को अधिग्रहीत भूमि का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है। गांव निवासी काश्तकार ललित मोहन पांडेय, रवी मोहन
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पांडेय, कमलेश, अवनीश बाजपेयी, राकेश, सूर्य प्रसाद शुक्ला, कौशल कुमार, रामचंद्र, रामजीवन शुक्ला, छोटे, अलीजान, दीन मोहम्मद, हीरालाल, रामकुमार, सजीवन लाल व इसहाक अली आदि किसानों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मुआवजे की मांग की है। किसानों का कहना है कि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अपनी जमीन वापस करने की मांग करेंगे।
प्रभारी भूमि अध्याप्ति अधिकारी विजेता ने बताया कि अधिकांश काश्तकारों के खाते में मुआवजे की रकम भेजी जा चुकी है। जो शेष हैं जल्द ही उनके बैंक खातों में भी धनराशि भेज दी जाएगी।
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